जौनपुर। बदलापुर में डेंगू के नियंत्रण में स्वास्थ्य विभाग और नगर पंचायत विफल साबित हुआ है। फागिंग, सफाई और डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा को नष्ट कराने के बावजूद महीने भर में 345 लोग संक्रमित हो चुके हैं। बुधवार को 71 लोगों की जांच में आठ और संक्रमित मिले।
डेंगू का पहला मरीज 17 अगस्त को मिला था। पिछले 34 दिनों से लगातार मरीज मिल रहे हैं। मंगलवार को सीएचसी में 71 बुखार पीड़ितों ने अपनी जांच कराई। जिसमें आठ लोग डेंगू संक्रमित मिले। इसके साथ संक्रमितों की संख्या 345 तक पहुंच चुकी है। औसतन रोजाना दस से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। डेंगू का रोगी मिलने के बाद से नगर पंचायत और स्वास्थ्य विभाग ने इलाके में सफाई और फागिंग जैसे एहतियाती उपाय शुरू किए लेकिन मरीजों की संख्या नहीं थमी।
चिकित्साधीक्षक डॉ. संजय कुमार दुबे ने बताया कि सरोखनपुर की सरिता पत्नी अजय निगम, ओम जायसवाल, भलुआही की अंश निगम, आदिल चौधरी, दुगौली कला के रामकुमार, ओमप्रकाश जौनपुर, बदलापुर थाना के चंदन, तियरा निवासी संजय की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आयी है।
जिले के मलेरिया अधिकारी वीपी सिंह का कहना है कि जागरूकता से ही इस पर रोक लगेगी। स्वास्थ्य विभाग और नगर पंचायत प्रशासन अपनी तरफ से सभी प्रयास कर रहा है। एंटी लार्वा छिड़काव किया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता की मौत
बदलापुर। ग्राम अटरा निवासी तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप तिवारी की बुधवार की सुबह मौत हो गई। उनका प्लेटलेट काफी कम हो गया था। अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी मौत डेंगू से हुई है। अधिवक्ता संघ ने सभागार में बुधवार शोक सभा का आयोजन किया गया। साथियों ने ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना किया। संघ के अध्यक्ष हरीलाल पाल तथा संचालन महामंत्री ज्ञानेंद्र सिंह ने किया। शोक में अधिवक्ता 24 सितंबर तक के लिए न्यायिक कार्य से विरत हैं। इस मौके पर मुन्ना लाल यादव, राय अवीन्द्र प्रताप सिंह, लालता प्रसाद, एनपी सिंह, हर गोविंद मिश्र, आनंद प्रकाश आदि मौजूद थे। अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप तिवारी पिछले दो दिन से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज जिले के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था।