जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में करारी हार के बाद सपा नेताओं के बीच गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई। चुनाव का नतीजा घोषित होने के बाद सपा नेताओं के बीच खूब तू-तू, मैं-मैं हुई। मारपीट की नौबत आती देख किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही लाइनबाजार थानाध्यक्ष पुलिस फोर्स के साथ मियापुर स्थित उस निजी लॉन में पहुंच गई जहां सपा नेताओं का जमावड़ा हुआ था। पुलिस के पहुंचते ही मामला शांत हुआ और सपा नेता एक एक कर खिसकने लगे। जिलाध्यक्ष शाम तक यहीं पर जमे रहे। जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं को अब यह चिंता सता रही है कि आखिर वे अब राष्ट्रीय अध्यक्ष को क्या जवाब देंगे।
शनिवार को मतदान के वक्त कलेक्ट्रेट के निकट मियापुर स्थित एक निजी लॉन में सपा नेताओं का जमावड़ा हुआ था। जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव समेत, विधायक लकी यादव, जगदीश सोनकर, जगदीश नारायण राय, श्रद्धा यादव, ओमप्रकाश दुबे बाबा, पूर्व सांसद तूफानी सरोज समेत पार्टी के सभी बड़े नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। यहीं पर 39 जिला पंचायत सदस्य हाजिरी लगाकर मतदान के लिए गए थे। इससे सपा समर्थक आश्वस्त थे कि चुनाव उनके ही दल की प्रत्याशी निशी यादव जीतेंगी, लेकिन परिणाम आया तो पता चला सपा को सिर्फ 12 मत मिले। नतीजे आने के बाद सभी नेता आपस में ही एक दूसरे पर असहयोग का आरोप लगाने लगे। कई कार्यकर्ताओं ने शाहगंज के विधायक शैलेंद्र यादव ललई के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस नारेबाजी का वीडियो भी वायरल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलि ने लोगों को शांत कराया तो सपा नेता वहां से खिसकने लगे। दरअसल अभी कुछ दिन पहले सपा के जिलाध्यक्ष समेत जिले के सभी विधायक, पूर्व विधायक 44 जिला पंचायत सदस्यों को लेकर लखनऊ गए थे। जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सभी सदस्यों से मुलाकात कर पार्टी की प्रत्याशी के समर्थन में वोट देने की अपील की थी। जिले के नेताओं ने भी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पार्टी की झोली में डालने का भरोसा पार्टी को मुखिया को दिया था। अब इन नेताओं को चिंता सता रही है कि अब राष्ट्रीय अध्यक्ष को वे क्या जवाब देंगे।