बक्शा। थाना क्षेत्र के अभयचंद पट्टी निवासी विजय चौहान ने दो जुलाई को प्रेमी के साथ पत्नी को देखकर उसे छह थप्पड़ लगा दिए थे। इस पर पत्नी ने पति की हत्या की साजिश रची। फिल्मी अंदाज में प्रेमी के साथ मिलकर मुंबई के नाला सोपारा में पति की हत्या कर दी। बीते सोमवार को उसी के कमरे में दफनाया गया विजय चौहान का शव मिला था। पत्नी और उसके प्रेमी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मां धनपत्ती देवी ने रोते बिलखते बताया कि वह भी चार माह मुंबई में रहकर इलाज कराई थी। इस दौरान उन्होंने अपनी बहू चमन चौहान व उसके प्रेमी मोनू शर्मा को एक साथ कई बार देखा था। उनको शक हुआ तो उन्होंने बहू से मोनू के संबंधाें को लेकर चर्चा की तो उसने ऐसा कोई रिश्ता न होने बात कही। उसने इस प्रकरण की जानकारी बेटे विजय चौहान को देते हुए आगाह किया कि बहू चमन चौहान से मिलने अक्सर बिहार का कोई युवक मोनू शर्मा आता है। इन दोनों के चाल-चलन सही नहीं लग रहे हैं। अपना उपचार कराने के बाद वह मुंबई से गांव अभयचंदपट्टी आ गईं। बेटे विजय चौहान ने बीते दो जुलाई को फोन पर बताया कि मां तुम सही कहती थी, आज मैंने भी चमन को उसके प्रेमी मोनू शर्मा के साथ देखा। इसके बाद गुस्से में मैंने छह थप्पड़ मारते हुए उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद से बहू के व्यवहार में परिवर्तन हो गया था। उसने मेरे बेटे को ही रास्ते से हटाने का प्लान बनाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसे कमरे में दफना कर उसके ऊपर से टाइल्स लगाकर बेड रख दिया था।
विजय चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था :- मृतक विजय चार भाई थे। सबसे बड़ा भाई अजय चौहान, दूसरे नंबर पर विजय चौहान, तीसरे नंबर अखिलेश चौहान, चौथे नंबर दीपक चौहान है। विजय अपनी पत्नी को लेकर मुंबई के नाला सोपारा के चाल में रहता था, जबकि तीन भाई एक साथ थोड़ी दूर पर रहते थे। दो बहने हैं, बड़ी ज्योति व छोटी बबीता है। घटना के बाद से मां धनपत्ती, पिता अमरसेन, बहन ज्योति, बबीता का रो-रोकर बुरा हाल है।
भाभी चमन के ऐसे चरित्र का नहीं था अंदाजा-मृतक की बहन बबीता ने बताया कि मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरी भाभी चमन चौहान का ऐसा भी चरित्र है। वह इस तरीके का कृत्य कर सकती है यह अंदाजा नहीं था। पिछले एक साल से मेरी भाभी के व्यवहार में काफी परिवर्तन देखा गया। बहन बबीता ने बताया कि भाइयों में प्रेम बना रहे इसके लिए विजय व भाभी के साथ मुंबई में अलग रूम खरीदकर रहते थे जबकि तीन भाई एक साथ ही एक जगह रूम लेकर रहते थे। भाई के खाते में 10 लाख रुपये धनराशि भी थी। वह राजगीर का काम करते थे।