जौनपुर। बीते एक सप्ताह से कड़ी धूप व उमस से लोग बेहाल रहे। रविवार को दिन भर की उमस के बाद अपराह्नन साढे़ तीन बजे आधे घंटे हुई झमाझम बारिश से गर्मी से राहत मिल गई। धान की नर्सरी बारिश की पानी पाकर लहलहा गए। अधिकतम तापमान दो डिग्री लुढ़क कर कर 41 पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञ 17 जून से मानसून आने की संभावना जता रहे हैं।
बीते एक सप्ताह से चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन बेहाल रहा। सुबह से ही गर्मी अपना कहर बरपाना शुरू कर दे रही थी। भीषण गर्मी से लोग घरों में कैद होने को मजबूर रहे। इसका नतीजा यह है कि दोपहर में बारह बजे से ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा था। बदन झुलसाती धूप और गर्म हवा के थपेड़ों ने घरों से निकलना दुश्वार कर दिया। अगर कोई किसी काम से अपने घरों से बाहर निकल रहा है तो अपनी पूरी शरीर को ढक कर ही निकल रहा है। महिलाएं चेहरे पर दुपट्टा लपेटने के बाद भी घर से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं। पुरुष भी गमछा, टोपी, चश्मा के सहारे धूप से बचाव करते नजर आ रहे थे। रविवार को सुबह से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। साथ ही दिन भर रुक रुककर धूप देखने को मिल रहा था, लेकिन, उमस भरी गर्मी आमजन के पसीने छुड़ाती रही। शाम को तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, आधे घंटे यानी साढ़े तीन बजे से चार बजे तक बारिश हुई। इसके बाद गर्मी से बेहाल लोगों को राहत मिली। तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव से जिले में अधिकतम तापमान 43 डिग्री लुढ़क कर 41 डिग्री पर पहुंच गया। जबकि न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धान की नर्सरी बारिश की पानी पाकर लहलहा गए।