जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनिल कुमार यादव की अदालत ने बुधवार को लाइन बाजार थाना क्षेत्र के मियांपुर तिराहे के पास डॉक्टर शिव सूरत द्विवेदी के मकान के सामने 22 साल पहले आशीष कुमार मौर्य (19) की हत्या में चार भाइयों मनोज कुमार मौर्य, अधिवक्ता अश्वनी कुमार मौर्य, आशीष मौर्य और पवन कुमार मौर्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आशीष की गोली मारकर हत्या की गई थी। मनोज कुमार मौर्य को जौनपुर से सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा का प्रतिनिधि बताया जाता है। सपा के कई नेता और पूर्व मंत्री मनोज कुमार मौर्य को सांसद का प्रतिनिधि बताकर सोशल मीडिया पर पोस्ट और फोटो साझा कर चुके हैं। हालांकि सांसद ने मामले में कुछ भी कहने से इन्कार किया है। अदालत ने पहले ही चारों को दोषी करार दिया था इसलिए बुधवार को करीब 2:45 बजे जेल से सीधे अदालत ले जाया गया। दोपहर बाद 3:20 बजे अदालत ने 26 पेज में फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान अदालत में आठ गवाह पेश किए गए थे। अभियोजन के मुताबिक, प्राथमिकी मियांपुर निवासी पवन कुमार मौर्य ने लाइन बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
वादी के अनुसार वादी और अभियुक्तों के बीच जमीन का विवाद चल रहा था। मौका मुआयना के लिए 16 अगस्त 2004 को कमिश्नर आने वाले थे। सुबह 8:30 बजे कलेक्ट्रेट के अधिवक्ता रहे रामसेवक मौर्य, उनके चार पुत्र अश्वनी कुमार मौर्य, आशीष मौर्य, मनोज कुमार मौर्य, पवन कुमार मौर्य और पड़ोसी राजेश उर्फ छोटू विवादित जमीन पर बांस-बल्ली गाड़ कर कब्जा करने लगे।
मना किया तो रामसेवक ने लाठी से हमला कर दिया। पवन ने पिता राम सेवक की लाइसेंसी बंदूक, अश्वनी,आशीष और मनोज ने कट्टे से फायरिंग कर दी। गोली लगने से आशीष मौर्य की मौत हो गई। इसके अलावा छेदीलाल, जियालाल, वीरेंद्र, शशि बाला,रमाशंकर,प्रेमचंद मौर्य घायल हो गए।
पुलिस ने रामसेवक के घर से लाइसेंसी बंदूक बरामद की थी। पुलिस ने विवेचना करके आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनीं और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मनोज, अश्वनी, आशीष और पवन को दोषी करार ठहराया।
साथ ही सजा के बिंदु पर फैसला देने के लिए बुधवार यानी 26 अगस्त की तिथि तय कर दी। सुनवाई के दौरान दोषियों के पिता रामसेवक का निधन हो गया था। इस मामले में नामजद किए गए राजेश