ढलाई के आधे घंटे के अंदर पुल के दो पायों के बीच के नवनिर्मित हिस्से के ढह जाने के मामले में शुक्रवार को राज्य सेतु निगम के दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिर गई।
शासन ने इस मसले पर संजीदगी दिखाते हुए एई अनुपम कुमार और जेई सीडी सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
बता दें कि 507 लाख की लागत से गोमती के छुंछे घाट पर बनाए जा रहे पुल के दो पायों के बीच का लगभग 30 मीटर हिस्सा बुधवार की रात ढलाई के आधे घंटे के बाद ही नदी में ढह गया।
इसके बाद विभाग में खलबली मच गई। इस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए शासन ने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया। राज्य सेतु निगम के एमडी राजन मित्तल ने बताया कि एई अनुपम कुमार और जेई सीडी सिंह को निलंबित
कर दिया गया है। साथ ही मामले की उच्चस्तरीय जांच की जिम्मेदारी जेएमडी गाजियाबाद और जेएमडी वाराणसी को सौंपी गई है।
इससे पूर्व शुक्रवार को जिलाधिकारी सुहास एलवाई के निर्देश पर एडीएम गंगाराम गुप्ता की अगुवाई में गठित जिला प्रशासन की टीम ने भी मौके पर पहुंच कर पुल हादसे की जांच की।
जांच टीम में एडीएम गंगाराम गुप्ता के अलावा पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता देवेंद्र शर्मा, सहायक अधिशासी अभियंता राजेश कुमार और आरईएस के एई पीएन राय शामिल थे। एडीएम ने कहा कि रिपोर्ट जिलाधिकारी को साैंप दी जाएगी।