हापुड़ में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए कोई भी पुलिस कर्मी कोर्ट में नहीं आया, जबकि रोजाना काफी संख्या में पुलिसकर्मी सभी गेट पर व परिसर में जांच के लिए तैनात रहते थे। इस दौरान निंदा प्रस्ताव तहसीलदार को सौंपा गया।
शुक्रवार को पहली बार दीवानी न्यायालय में कोई भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। परिसर में तैनात पीएसी के जवान सुरक्षा की निगरानी करते रहे। सुरक्षाकर्मी नहीं होने के कारण वादकारी बिना चेकिंग के ही न्यायालय परिसर में प्रवेश किए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने मीटिंग में प्रस्ताव पारित कर हापुड़ की घटना की घोर निंदा करते हुए कार्य से विरत रहे। इस मौके पर दीवानी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जितेंद्र नाथ उपाध्याय, मंत्री अनिल सिंह, राजकुमार यादव, विनय उपाध्याय, अतुल श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, सुभाष चंद्र यादव, अजीत सिंह, हिमांशु श्रीवास्तव, अश्वनी मिश्र आदि उपस्थित रहे। शाहगंज के तहसील परिसर में अधिवक्ता संघ ने शुक्रवार को आक्रोश जताते हुए मुख्यमंत्री से संबोधित ज्ञापन तहसीलदार आशीष कुमार सिंह को सौंपकर कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष स्कंद कुमार यादव, महामंत्री एडवोकेट पुष्पकांत यादव, राजदेव यादव, विक्रम सिंह, राजीव सिंह, काफील खान, शारिक खान, रमेश चंद्र द्विवेदी, राम लवट, बाबूराम यादव, राम सहाय आदि मौजूद रहे।