जौनपुर। बायोमेट्रिक कार्ड नहीं मिलने से नाराज दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने बुधवार को हंगामा कर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि बायोमेट्रिक कार्ड के लिए प्रत्येक अधिवक्ता से सौ-सौ रुपये लिया गया था। लेकिन करीब 10 रुपये के मूल्य का साधारण कार्ड जारी किया गया है। जबकि फार्म व रुपये लेते समय बताया गया था कि बायोमेट्रिक कार्ड जारी होगा।
बिना उस कार्ड के परिसर में प्रवेश नहीं होगा।
वकीलों के आक्रोश को देखते हुए दीवानी बार के अध्यक्ष बृजनाथ पाठक व अन्य पदाधिकारी तत्काल जनपद न्यायाधीश से मिले। इस दौरान बायोमेट्रिक कार्ड बनाने के संबंध में उनसे वार्ता की। संघ द्वारा प्रस्ताव चस्पा किया गया कि न्यायाधीश ने बताया है कि बायोमेट्रिक मशीन लगाने की योजना चल रही है। हाईकोर्ट के निर्देश पर परिचय पत्र अविलंब जारी किया जा रहा है। बायोमेट्रिक मशीन आने के बाद मशीन की व्यवस्था के आधार पर जरूरत पड़ने पर बायोमेट्रिक कार्ड बनाया जाएगा। अन्य कोई विकल्प होने की स्थिति में परिचय पत्र के निर्माण में आए खर्च को वकीलों द्वारा दिए गए 100 रुपये में से घटाकर बची हुई धनराशि हाईकोर्ट के निर्देश पर वकीलों को वापस कर दी जाएगी। वकीलों का कहना है कि बायोमेट्रिक कार्ड बनाने के नाम पर करीब तीन हजार वकीलों से सौ-सौ रुपये लिया गया और साधारण कार्ड जारी किया गया।