जौनपुर। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सोमवार को दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने विरोध दिवस मनाया। अधिवक्ता मोहम्मद साहिल के उत्पीड़न व जेल भेजने को लेकर अधिवक्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान शासन प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन व वाराणसी के अधिवक्ता हरिशंकर सिंह व पूर्व चेयरमैन अरुण त्रिपाठी भी आकर अधिवक्ताओं के आंदोलन में शामिल हुए।
पूर्व चेयरमैन हरिशंकर सिंह ने कहा कि यदि 15 अगस्त तक सिटी मजिस्ट्रेट का निलंबन या स्थानांतरण नहीं होता है, तो वाराणसी के अधिवक्ता यहां आकर आंदोलन करेंगे और सिटी मजिस्ट्रेट को भी बैठने नहीं देंगे। अधिवक्ताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री तक सिटी मजिस्ट्रेट का मामला पहुंच चुका है। अधिवक्ताओं से सर्टिफिकेट आफ प्रैक्टिस के नाम पर 500 की मांग पर हरिशंकर सिंह ने बताया कि यह बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा किया गया है। इसे हम लोग काला कानून मानते हैं। यहां के अधिवक्ताओं ने कहा कि हम लोग इसका विरोध करेंगे। सुबह 10:30 से तीन बजे तक अधिवक्ता लगातार सड़क पर टेंट लगाकर विरोध प्रदर्शन करते रहे।
इस मौके पर अध्यक्ष जितेंद्र नाथ उपाध्याय, मंत्री अनिल सिंह, तेज बहादुर सिंह, प्रेम शंकर मिश्रा, समर बहादुर यादव,अरुण प्रजापति, शरदेंदु चतुर्वेदी, मंजू शास्त्री, संतोष प्रजापति, हरिवंश उपाध्याय, हिमांशु श्रीवास्तव, विकास तिवारी, चंद्र प्रकाश दुबे आदि अधिवक्ता मौजूद थे।