खुटहन गांव में भूमि विवाद को लेकर मनबढ़ पड़ोसियों के द्वारा हिस्सेदार एडवोकेट मनोज सिंह की मौत के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ता अस्पताल में भर्ती थे और जानकारी मिली है कि उनके पड़ोसियों से उनकी मारपीट हुई जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें मृतक अधिवक्ता आरोप लगा रहे हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अब पूरे मसले से जुड़ी तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर दो को हिरासत में ले लिया है।
सूत्र बताते हैं कि दिवानी न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे 44 वर्षीय एडवोकेट मनोज सिंह का पड़ोसियों से बाग की भूमि को लेकर विवाद चला आ रहा था। गत 23 दिसंबर को पुलिस बल की मौजूदगी में राजस्व टीम के द्वारा सीमांकन कराया गया। उक्त भूमि में आधा दर्जन से अधिक सेयरदार है। उसमें एक हिस्सेदार मृत एडवोकेट की गैर मौजूदगी में अन्य हिस्सेदारों ने एक समझौता कर पूर्व तरफ लगभग 12 फिट चौड़ा रास्ता निकालने का फैसला किया गया।
जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे अधिवक्ता ने खुद की अनुपस्थिति में लिए गए फैसले का विरोध कर दिया। आरोप है कि नाराज होकर पड़ोसियों ने उनकी पिटाई कर दी। दूसरे दिन 24 दिसंबर की सुबह वे घटना की तहरीर देने थाने पर जा रहे थे कि सब्जी मंडी के पास उक्त मनबढ़ो ने उन्हें रोक लात घूंसो से जमकर पीटाई कर दिया। मौके पर जुटे लोगों ने बीच बचाव कर उन्हें बचाया। घायल अवस्था में उन्होंने घर फोन कर आप बीती बताते हुए कहा कि वह उपचार हेतु जिला चिकित्सालय जा रहे हैं।
पड़ोसियों ने पिटाई के बाद उन्हें जबरन जहरीला पदार्थ पिला दिया है। वह बाइक से जिला मुख्यालय जा रहे थे कि उन्हें उल्टी शुरू हो गई।गभिरन बाजार स्थित एक पेट्रोल पंप पर वह बेहोश होकर गिर गये। वहां पहुंचे स्वजन उन्हें उपचार हेतु जिला चिकित्सालय ले गए। हालत गंभीर देख उन्हें बीएचयू वाराणसी भेज दिया गया। जहां गुरुवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।