जौनपुर। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद जिले की सभी 1749 ग्राम पंचायतों में शुक्रवार से प्रशासक काम करेंगे। एडीओ पंचायत ब्लाक के सभी गांवों के प्रशासक होंगे। वे ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से कार्यों का संचालन करेंगे। सचिव की निगरानी में ही गांवों के अवशेष कार्य पूरे कराए जाएंगे। बृहस्पतिवार की देर शाम शासन का निर्देश आने के बाद प्रधानों से कार्यभार लेने की कवायद शुरू कर दी गई।
ग्राम पंचायतों का चुनाव वर्ष 2015 के नवंबर-दिसंबर में हुआ था। शपथ ग्रहण के बाद पहली सभा 25 दिसंबर को हुई थी। पंचायती राज एक्ट के तहत कार्यभार संभालने के बाद पांच साल तक ही ग्राम पंचायत का कार्यकाल होता है। लिहाजा इससे पहले ही चुनाव की प्रक्रिया अमूमन पूरी हो जाती है। इस बार कोरोना के कारण से चुनावी प्रक्रिया बाधित हुई है। समय से चुनाव न होने के कारण तय समय पर बृहस्पतिवार की रात 12 बजे सभी प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया। नियमानुसार वहां प्रशासकों की तैनाती कर दी गई है। जिले के सभी 21 ब्लाकों के एडीओ पंचायत को ब्लाक की सभी ग्राम पंचायत का प्रशासक बनाए गए हैं। वह ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से गांवों में विकास कार्यों का संचालन करेंगे। प्रशासकों की तैनाती को लेकर पूरे दिन ऊहापोह की स्थिति बनी रहीा। देर शाम अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह का आदेश आने के बाद पंचायती राज विभाग ने प्रधानों से कार्यभार लेने की कवायद शुरू की।
---
पंचायतों में नहीं खर्च हो सके हैं 27 करोड़
जिले के सभी 1749 ग्राम पंचायतों में कुल 27 करोड़ की धनराशि बची है। यह 15वें वित्त आयोग और पंचम वित्त आयोग की धनराशि है। इस राशि से पंचायत में नाली व खड़ंजा निर्माण, तालाब खुदाई, खराब हैंडपंपों का मरम्मत आदि कार्य कराए जाने हैं। अब इन कार्यों को कराने की जिम्मेदारी एडीओ पंचायत के कंधों पर आ गई है। वह सचिवों के माध्यम से कार्यों संपादित कराएंगे। एडीओ पंचायत व सचिवों का संयुक्त डोंगल तैयार होगा, जिससे धनराशि निकाली जाएगी।
--- वर्जन...
बृहस्पतिवार की रात 12 बजे ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। पंचायत राज एक्ट के तहत एडीओ पंचायत को शुक्रवार से ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त हो जाएंगे। सभी ग्राम पंचायतों में 27 करोड़ रुपये शेष बची है। इससे एडीओ पंचायत सचिव के माध्यम से प्रस्तावित व अधूरे कार्य कराएंगे। - संतोष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी