जौनपुर। श्रमजीवी विस्फोट कांड के बांग्लादेशी आरोपी हिलाल एवं नफीकुल विश्वास कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किए गए। हिलाल पर ट्रेन में बम रखने और नफीकुल पर विस्फोट कांड में सहयोग का आरोप है। एडीजीसी अनूप शुक्ला ने बताया कि दोनों आरोपितों ने कहा कि वे बहस के पूर्व जमानतदार देने को तैयार हैं जबकि उनके अधिवक्ता ने पहले कहा था कि उनके पास जमानतदार नहीं है, उनका व्यक्तिगत बंध पत्र स्वीकार किया जाए।
उधर, उनके अधिवक्ता श्याम शंकर ने बताया कि दोनों से पूछा गया था और दोनों ने कहा कि उनके पास जमानतदार नहीं हैं। ऐसे में दोनों की ओर से व्यक्तिगत बंधपत्र की दरखास्त दी गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब दोनों जमानतदार होने की बातें कह रहे हैं। बांग्लादेश के निवासी के पास जमानतदार आए कहां से। पहले उन्होंने कहा था कि उनका यहां कोई नहीं है। उनका कोई अधिवक्ता भी नहीं हैं। उनकी अर्जी पर न्याय मित्र नियुक्त किया गया। न्याय मित्र ताजुल हसन उनके मामले देख रहे हैं। बाद में उन्होंने तीन वकील पैरवी के लिए नियुक्त कर दिए। 28 जुलाई 2005 को हरपालगंज के पास श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में बम विस्फोट के मामले में रोनी उर्फ आलमगीर एवं ओबैदुर्रहमान को फांसी की सजा सुनाई गई थी।