सरायख्वाजा। कयार नहर के पास मंगलवार देर शाम अपराधियों ने युवक को अंधाधुंध फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया था। 48 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस के पकड़ से दूर हैं। बृहस्पतिवार देर शाम भाइयों के आने के बाद अब्दुल्ला को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बृहस्पतिवार को सऊदी से दोनों बड़े भाई तबरेज आलम और शाह आलम के पहुंचने के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है। दोनों भाईयों ने डीएम एसपी को मौके पर बुलाने की मांग की। लेकिन थाना प्रभारी अमित सिंह ने किसी तरह परिजनों को समझा- बुझाकर शांत कराया और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। वहीं दोनों भाइयों का आरोप है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिला है इससे अभी तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रही है। आरोप है कि पिता की हत्या के मामले में भी पुलिस ने लापरवाही बरती थी और भाई के मामले में भी वैसा ही हो रहा है। सबसे छोटे भाई अब्दुल रहीम ने जान-माल की रक्षा के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया था। वहीं बृहस्पतिवार को परिजन तथा गांव वालों ने एकत्र होकर अब्दुल्ला के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया। मौके पर भारी पुलिस बल भी मौजूद रही। 48 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। सीओ सदर परमानंद कुशवाहा ने बताया कि शीघ्र ही मामले का खुलासा किया जाएगा। आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।