सिंगरामऊ क्षेत्र के जमऊपट्टी में बिना गर्भ बिना बच्चे के गाय दे रही दूध। स्रोत-सहयोगी
सिगरामऊ। फिरोजपुर जमऊपट्टी में एक अनोखा मामला सामने आया है। गांव निवासी पशुपालक स्वामीनाथ शुक्ला की लगभग ढाई वर्ष की बछिया बिना गर्भधारण किए और बिना बछड़ा दिए ही दूध देने लगी है। वर्तमान में वह सुबह और शाम मिलाकर प्रतिदिन लगभग ढाई लीटर दूध दे रही है।
स्वामीनाथ शुक्ला ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें बछिया के थनों में दूध उतरने की आशंका हुई। अगले दिन उन्होंने देखा कि बछिया के बैठने की जगह पर दूध गिरा हुआ था। इसके बाद उन्होंने सावधानीपूर्वक दूध निकालना शुरू किया। शुरुआती दिनों में दूध की मात्रा कम थी, लेकिन लगभग 10 से 12 दिनों के भीतर यह बढ़कर दोनों समय मिलाकर करीब ढाई लीटर प्रतिदिन हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग बछिया को देखने पहुंच रहे हैं। स्वामीनाथ शुक्ला का कहना है कि बिना गर्भधारण के बछिया का दूध देना उनके लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं है और वह इसे ईश्वर की कृपा मानते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बछिया की पूंछ जमीन को छूती है। इसी आधार पर कुछ लोग इसे धार्मिक मान्यताओं से जोड़ते हुए कामधेनु का स्वरूप बता रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी पशु चिकित्सा विशेषज्ञ की ओर से ऐसी धार्मिक मान्यताओं की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मोबाइल पशु चिकित्सक डॉ. सुशील यादव ने बताया कि पशुओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के असंतुलन के कारण बिना गर्भधारण के भी दूध उतरने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।