विज्ञान संकाय की बैठक में शिक्षकों से रोडमैप पर चर्चा करते विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. के
मल्हनी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने विज्ञान संकाय के विभागों को शिक्षण और शोध के साथ उद्योग जगत से समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं व्यावहारिक शिक्षा देने के निर्देश दिए। दस वर्ष की कार्ययोजना और 2047 तक के विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान संकाय को उत्कृष्टता की ओर ले जाने के लिए नवाचार, शोध, उद्योग-अकादमिक सहयोग और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान देना होगा। संकाय भवन में विज्ञान संकाय की शैक्षणिक, शोध एवं औद्योगिक प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में कुलपति ने विभिन्न विभागों की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी ली। संकायाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार ने कुलपति का स्वागत करते हुए संकाय एवं विभागों की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। इसमें शैक्षणिक गतिविधियों, शोध कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। कुलपति ने विभागों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्योगों के साथ एमओयू करने और बोर्ड ऑफ स्टडीज में उद्योग जगत के विशेषज्ञों को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक विभाग को अगले 10 वर्षों में विकास एवं प्रगति के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साल 2047 तक विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करने को कहा। शोध परियोजनाओं और पेटेंट की संख्या बढ़ाने, विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने तथा औद्योगिक गतिविधियों की जानकारी देने के लिए औद्योगिक भ्रमण आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रो. रामनारायण, प्रो. राजेश शर्मा, डॉ. मनीष गुप्ता, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. गिरधर मिश्र, डॉ. विवेक पांडेय, डॉ. ऋषि श्रीवास्तव, डॉ. राधिका, डॉ. अमित गुप्त, डॉ. विपिन कुमार एवं डॉ. एसपी तिवारी उपस्थित रहे।