सिंगरामऊ क्षेत्र में निकला बारावफात का जुलूस। संवाद
जौनपुर। आखिरी पैगंबर और नबी ईश दूत का जन्मोत्सव मनाया गया। जुलूस निकालकर सभी खुशी का इजहार किया। अंजुमन नात पढ़ती है और विभिन्न अखाड़े अपने करतब दिखाते हुए चल रहे थे। आज के ही दिन 570 ईस्वी में मक्का सऊदी अरब में नबी साहब का जन्म हुआ था। 40 साल की आयु में हीरा नामक गुफा में पहली वही यानी ईश्वर की तरफ से संदेश आया। 63 साल की आयु मदीना में दुनिया से जाहरी रूप से रुखसत हुए। शहर में बीते 126 वर्षों से एक जश्न-ए-यौमुन्न नबी मनाया जा रहा है। इसमें लोग अपनी-अपनी खुशी का इजहार करते हैं। इसमें मुख्य रूप से विभिन्न अंजुमनें नात पढ़ी। विभिन्न अखाड़े अपने करतब दिखाते चल रहे थे। जुलूस अपनी पुरानी रिवायत के अनुसार शाम मुख्य अतिथि अंसार अहमद, सदर अध्यक्ष कमेटी ओबैदा शिराजी खान ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। पूरी रात विभिन्न अखाड़ों के करतब और अंजुमनें अपनी नात पढ़ते हुए ओलन्दगंज से शाही पुल, चहारसू होता हुआ किदवई पार्क कोतवाली चौराहा के कंट्रोल रूम के सामने से होता हुआ अल्फ़िस्टीनगंज से शाही अटाला मस्जिद पहुंच कर एक जलसे में तब्दील हो गया। कौमी एकजहती राष्ट्रीय एकता कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना अनवार कासमी ने की। संचालन अबु अकरम कासमी ने किया। कौमी एकजहती कॉन्फ्रेंस के अतिथि अंसार अहमद, जावेद सिद्दीकी, डॉ. सरफराज खान, दानिश खान, मोहम्मद अयान रहे। इस मौके पर ओबैदा शिराजी सदर मरकजी सीरत कमेटी एवं सचिव इम्तियाज अहमद रज्जू, आदि मौजूद रहे। सिगरामऊ में क्षेत्र में बारावफात के अवसर पर बहरीपुर, मल्लूपुर, मेढ़ा समेत आसपास के विभिन्न गांवों एवं प्रमुख स्थानों पर पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ जुलूस निकाला गया। थाना प्रभारी अखिलेश मौर्या के नेतृत्व में पुलिस टीम पूरे क्षेत्र में लगातार सक्रिय रही। जुलूस में मुन्ना मास्टर फैजान हाशमी, मुमताज अंसारी, अबरार अंसारी, अमजद रजा, अरशद अंसारी, शामिल रहे। शाहगंज में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर सीएचसी में मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच फल वितरित किए गए। अधीक्षक डॉ. रफीक फारूकी ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने लोगों को आपसी प्रेम, भाईचारे, दया और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में डॉ. राकेश, डॉ. आरबी यादव, डॉ. हरिओम मौर्या, डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. जमालुद्दीन, डॉ. राहुल वर्मा समेत चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।