खेतासराय। क्षेत्र के सवा लाख लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा करने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सोंधी खुद ‘बीमार’ नजर आ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं और मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली-पानी के लिए भी तीमारदार परेशान हैं। अस्पताल में डॉक्टरों के दो पद सृजित हैं लेकिन तैनाती सिर्फ एक की है। वर्तमान में एक महिला चिकित्सक और प्रभारी चिकित्साधिकारी के जिम्मे पूरी व्यवस्था है। यदि डॉक्टर अवकाश पर हों तो मरीजों को बिना इलाज के ही जिला अस्पताल या निजी क्लीनिकों की शरण लेनी पड़ती है। 55 गांवों और एक नगर पंचायत की सवा लाख आबादी वाले इस क्षेत्र में डॉक्टर न होने पर फार्मासिस्ट ही व्यवस्था संभालते हैं। गर्मी की दस्तक के साथ ही अस्पताल में पानी की समस्या विकराल हो गई है। परिसर में लगी दोनों आरओ मशीनें महीनों से खराब पड़ी हैं। यहां तक कि इंडिया मार्का हैंडपंप भी बंद है। पूर्व में सांसद निधि से लगी मशीन भी देखरेख के अभाव में कबाड़ हो चुकी है। मरीज और उनके परिजन अस्पताल परिसर में पानी की एक-एक बूंद के लिए भटकने को मजबूर रहते हैं।