जौनपुर। आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि शांत रहने वाला व्यक्ति ही वास्तविक अर्थों में सुंदर होता है। अशांत व्यक्ति स्वयं परेशान रहता है। अपने परिवार को भी अशांत रखता है। इसलिए मनुष्य को क्रोध, अहंकार और संशय से दूर रहकर प्रेम, विश्वास और सद्भाव के साथ जीवन जीना चाहिए। वह बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि धर्म की आड़ में अधर्म नहीं होना चाहिए। जब धर्म के नाम पर गलत कार्य होने लगें तो उन्हें रोकना आवश्यक है। भगवान श्रीराम की कथा गंगा के समान पवित्र है। भक्त जिस भाव से भगवान को पुकारता है, भगवान उसी भाव से उसे दर्शन देते हैं। परमात्मा को आडंबर से अधिक निष्कपट प्रेम प्रिय है। इस दौरान विहिप के राष्ट्रीय मंत्री अंबरीश, महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ओपी सिंह, बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्रा, लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. आरएन त्रिपाठी आदि रहे। मुख्य आयोजक भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि कथा 29 अक्तूबर तक होगी।