जौनपुर। स्नान-दान के महापर्व मौनी अमावस्या पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने आदिगंगा गोमती में डुबकी लगाई। शहर के प्रमुख घाटों के अलावा जफराबाद में सई-गोमती के संगम स्थल पर भी लोगों ने स्नान किया। मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात में ही प्रयागराज रवाना हो गए थे।
स्नान के लिए भोर में ही श्रद्धालु घाटों पर पहुंच गए थे। शहर में गोमती नदी के हनुमान घाट, सूरज घाट, गूलर घाट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। किनारे आकर अन्न-धन का दान किया और पुण्य की कामना की। हालांकि नदी में गिरने वाले नालों के पानी के चलते नहाने वालों की संख्या कम रही। ज्यादातर लोग टोलियों में रात में ही प्रयागराज के लिए रवाना हो गए थे। वहीं संगम में स्नान कर दोपहर बाद लौटे। मंदिरों में दर्शन पूजन किया। मां शीतला धाम चौकिया और मां मैहर मंदिर में दर्शन पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ रही। शुक्रवार को सुबह से ही मंदिरों के पट दर्शन पूजन के लिए खोल दिए गए थे। आचार्य डॉ.रजनीकांत द्विवेदी का कहना है कि मौनी अमावस्या का खास महत्व होता है। इस दिन नदी के घाटों पर देवताओं का वास होता है। इस दिन स्नान और दान करने से पुण्य मिलता है। जिले के बदलापुर, केराकत, जफराबाद आदि स्थानों पर भी नदी घाटों पर लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई।
स्टाल लगाकर पिलाई चाय
बदलापुर। नगर के प्रयागराज और घनश्यामपुर रोड पर नई सोच संस्था के तहत स्टाल लगाकर श्रद्धालुओं को चाय और भोजन कराया गया। धर्म सेवा संस्थान के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में स्नार्थियों को चाय पिलाने के साथ ही स्नान कर प्रयागराज से लौटते वक्त भोजन की भी व्यवस्था की गई। आयोजन में शेषभान मिश्र, डॉ.अलिंद मिश्र, राजेश त्रिपाठी, उमाशंकर पांडेय, सोनू उपाध्याय, दिनेश शुक्ल, प्रदीप शुक्ल, संतोष विश्कर्मा, आशीष तिवारी आदि ने योगदान दिया। वहीं, नई पहल के सदस्यों ने महराजगंज रोड के पास स्टाल लगाकर चाय व पानी पिलाया। इसमें विश्वनाथ सिंह, विजयनाथ सिंह, प्रदीप वर्मा, दिनेश सिंह, अखिल सिंह, तेज प्रताप सिंह, संतोष सिंह, अमरनाथ वर्मा, विजय शंकर चतुर्वेदी, देवनाथ शर्मा, ब्रह्म देव निगम आदि की भूमिका प्रमुख रही।