बरसठी। सरकार और जनप्रतिनिधियों के सड़क विकास के दावों को बरसठी क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कें आईना दिखा रही हैं। क्षेत्र के लगभग 50 गांवों को जोड़ने वाली करीब 25 किलोमीटर की मुख्य सड़कें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। सड़कों से डामर और गिट्टियां पूरी तरह गायब हो चुकी हैं, जिससे राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। लोग सवाल उठाने लगे हैं कि जनप्रतिनिधियों की फाइलों में चमकने वाला विकास आखिर जमीन पर कब उतरेगा?
क्षेत्र के महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग जैसे खोइरी-खुआवा वाया लालपुर मार्ग, मियाचक-बबुरीगांव, खरगापुर-बेलौनाकला, दतांव-महुवारी, मियाचक-चंद्रभानपुर और रसुलहा बाजार-आलमगंज मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के बाद किसी भी विभाग ने इनके रखरखाव की सुध नहीं ली।
सड़कों की मरम्मत की मांग को लेकर समाजसेवी जज सिंह अन्ना ने बीते दिसंबर में कलेक्ट्रेट में अनशन भी किया था। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक डॉ. रागिनी सोनकर और सांसद प्रिया सरोज को भी बार-बार अवगत कराया गया लेकिन अब तक नतीजा सिफर रहा। बरसात में ये सड़कें नारकीय हो जाती हैं, जिससे आए दिन हादसे होते रहते हैं।
बोले ग्रामीण
लगभग 20 वर्ष पूर्व बना खोइरी वाया खुआवा लालपुर मार्ग पूरी तरह टूट चुका है। गिट्टियां उखड़ गईं हैं और सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई है। आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। - उदयभान सिंह, खुआवां
खरगापुर वाया बेलौना कला गोहका मार्ग प्रमुख संपर्क मार्ग है, जो सीधे अरुआवा होते हुए मछलीशहर को जोड़ता है। बरसात में हालत और बिगड़ जाती है। किसानों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। - सुधांशु विश्वकर्मा, बेलौना कला।
मियाचक वाया चंद्रभानपुर बड़ेरी मार्ग मड़ियाहूं और मछलीशहर के बीच कम दूरी तय करने का प्रमुख रास्ता है लेकिन इसकी हालत इतनी खराब है कि एंबुलेंस भी समय पर गांव तक नहीं पहुंच पाती। - गजेंद्र दुबे, ग्राम प्रधान चंद्रभानपुर
रसुलहा-आलमगंज मार्ग क्षेत्र के दक्षिणी छोर पर स्थित एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जो दो जिलों को जोड़ता है। सड़क पर गहरे गड्ढे और उखड़ी डामर हादसों का सबब बन रही है। बरसात में यह सड़क तालाब जैसी हो जाती है। यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो बड़ी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता। - संतोष दुबे