थानागद्दी। केराकत क्षेत्र के नाऊपुर स्थित जेवीएल एग्रो झूला वनस्पति फैक्ट्री में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दोबारा तालाबंदी कर दी। कारखाना प्रबंधन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन के मौखिक आदेश का हवाला देते हुए 25 जनवरी को ताले खोल दिया था। फैक्ट्री की टरबाइन शुक्रवार से चलने वाली थी। तब तक फिर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम पहुंची और फैक्ट्री में ताला लगा दिया। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी एसबी सिंह ने कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन ताला खोलने के पेपर नहीं दिखा सका।
झूला वनस्पति फैक्ट्री प्रबंधन को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 21 दिसंबर को नोटिस दी थी। पीसीबी ने फैक्ट्री में लगे इन्फुलएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) की क्षमता बढ़ाने के आदेश दिए थे। नोटिस अवधि पूरी होते ही 22 जनवरी को फैक्ट्री के गेट नंबर दो, टरबाइन रूम, जेनरेटर रूम, कोल्ड सिस्टम में ताला लगा दिया था। पीसीबी की इस कार्रवाई के बाबत कारखाना प्रबंधन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन से बात की थी। झूला फैक्ट्री के सीईओ एसएन मिश्रा का कहना है कि पीसीबी चेयरमैन ने फैक्ट्री चालू करने का आदेश दिया था। अनुमति मिलने के बाद 25 जनवरी को दोबारा फैक्ट्री चालू की गई। उधर, पीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी को फैक्ट्री चालू करने की औपचारिक सूचना नहीं थी। इस बीच किसी ने पीसीबी से फैक्ट्री चालू करने की शिकायत कर दी। शुक्रवार को अपराह्न करीब 3:30 बजे पीसीबी के आरओ एसबी सिंह, पर्यावरण वैज्ञानिक सुजीत बेनजामिन फ्रैंकलिन, सहायक पर्यावरण अभियंता पीपी श्रीवास्तव, सहायक वैज्ञानिक वीके श्रीवास्तव नायब तहसीलदार विजय नरायण सिंह, कानूनगो सर्वजीत यादव तथा कोतवाली के एसएसआई इंद्रदेव तिवारी, आरएन गुप्ता को साथ लेकर पहुंचे और दोबारा तालाबंदी कर दी। एसबी सिंह ने बताया कि जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। बोर्ड में कारखाना प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। कारखाना प्रबंधन फैक्ट्री चालू करने का कोई आदेश नहीं दिखा सका। मौखिक ही बता रहे हैं कि उन्हें फैक्ट्री दोबारा चालू करने का आदेश दिया गया था।