जौनपुर। शिया समुदाय के लोग दो महीना आठ दिन गम मनाने के बाद मंगलवार को खुल कर खुशी का इजहार किया। घर में करीब ढाई महीने के बाद कढ़ाई चढ़ी तो लोगों ने लजीज पकवान का लुत्फ उठाया। युवकों ने जहां घर से बाहर निकल कर रंग खेल का खुशियां मनाई वहीं महिलाओं ने घर में महफिल का आयोजन किया। शिया संप्रदाय के लोगों ने सियाह लिबास उतार कर लाल रंग के कपड़े भी पहने। इस दौरान लोग यजीद और उसके साथियों समेत पाकिस्तान का भी पुतला फूंका। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात थी। युवा एक दूसरे को रंग लगाकर खुशी का इजहार कर रहे थे।
शिया समुदाय की ऐसी मान्यता है कि इमाम हुसैन के कातिल को जनाबे मुख्तार ने आज के ही दिन कत्ल कर दिया था। करबला के वाक्ये के बाद इमाम हुसैन का कुनबा पहली बार खुश हुआ था। इसी की याद में ईद-ए-जहरा का जश्न मनाया जाता है। करीब दो माह आठ दिन गम मनाने के बाद शिया संप्रदाय के लोगों ने ईद-ए-जहरा (नौरोज) का जश्न मनाया। लोग मंगलवार की सुबह से जश्न मनाने की तैयारियों में जुट गए थे। मोहल्लों को लाल रंग की झालरों से सजा दिया गया था। युवा अपने घरों से गुलाबी रंग हाथ में लेकर एक दूसरे को रंग रहे थे। ठंड भी काफी अधिक थी इसके बावजूद युवा रंग में सराबोर दिखे। इस दौरान मोहल्ला कोठियाबीर, बारादुअरिया, मुफ्ती मोहल्ला से आदि मोहल्ले से जुलूस की शक्ल में युवा बाजार भुआ मोहल्ले में इकठ्ठा हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में युवक समूह में पाकिस्तान का पुतला लेकर चल रहे थे। इस दौरान कई मोहल्ले से होते हुए युवक चार अंगुल मस्जिद होते हुए मीरघर के पास पहुंचे जहां लोगों ने भारतीय सैनिकों का सिर काटने वाले पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तान सरकार भी पुतला दहन किया। सुरक्षा की दृष्टि से जुलूस और मोहल्लों में पुलिस के जवान गश्त करते रहे। घर को पहुंच कर लोगों ने लजीज व्यंजनों का भी स्वाद लिया। मंगलवार की रात भर कई इलाकों में ईद ए-जहरा के मौके पर महफिल का आयोजन हुआ लोगों ने रात भर जश्न मनाया।