जौनपुर। अखिल भारतीय गाेंड महासभा के लोगों ने गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र देने की मांग को लेकर बुधवार को शहर के सद्भावना पुल के समीप स्थित केरार मंदिर से कलेक्ट्रेट तक मौन जुलूस निकाला। यहां हुई सभा में लोगों ने अपनी मांगे दोहराई। कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर 831 दिन से धरना और 619 दिन से आमरण अनशन जारी है। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी जा रही है। अब धैर्य का बांध टूट रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान वे लेट गए । एडीएम कार्यालय के बाहर समूह में लोगों के लेट जाने से अफरातफरी मच गई। बाद में कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
गोंड महासभा के लोग लंबे समय से गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र देने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। समाज के लोगों का कहना है कि प्रशासन ने पहले अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी किया है लेकिन अब जारी करने से मना कर रहा है। दूसरे जिलों में गोंड़ जाति को अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र दिया भी जा रहा है। प्रशासन यह भी नहीं बता रहा है कि क्यों नहीं दिया जाएगा। धरने के दौरान महासभा के संगठन मंत्री उदय राजय गाेंड ने कहा कि गोंड जाति को अनुसूचित जन जाति का प्रमाण जारी करने की लंबे समय से मांग की जा रही है। जिला प्रशासन के अलावा उच्चाधिकारियों और राजनेताओं को भी अपनी मांगों से अवगत कराया गया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब धैर्य का बांध टूट रहा है। कपिल गोंड ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक संघष खत्म नहीं होगा। इसके लिए लोगों को एकजुट होना होगा।