जौनपुर। छात्र संघ चुनाव में अब उम्र का विवाद खड़ा हो गया है। छात्र संगठनों ने कुलपति को पत्रक सौंपकर चुनाव लड़ने की उम्र को लेकर स्थिति साफ करने की की मांग की थी लेकिन विश्वविद्यालय स्तर से आयु सीमा के संबंध कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यदि आयु सीमा की बाध्यता हुई तो 25 फीसदी छात्र नेता चुनावी दौड़ से बाहर हो जाएंगे।
एलएलबी के छात्राें का कहना है कि अंडर ग्रेजुएट के छात्रों के लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष और अधिकतम 22 वर्ष की जाए। व्यवसायिक कालेजों में छात्रों के लिए भी उचित छूट दिए जाने की मांग की। पीजी छात्रों के लिए चुनाव लड़ने की उम्र सीमा 25 वर्ष निर्धारित करने की मांग की गई। छात्रों का कहना है कि विधि स्नातक की उम्र अधिकतम 22 वर्ष दर्शायी गई है। यदि छात्र 17 वर्ष की उम्र में ही प्रथम वर्ष में दाखिला लेता है तो बीए, बीएससी, बीकाम में नियुनतम आयु 20 व 21 वर्ष हो जाएगी। इसके बाद एलएलबी में दाखिला लेने पर उसकी पढ़ाई 25 वर्ष में पूरी होगी। छात्रों का कहना है कि चुनाव के लिए उम्र की सीमा तय नहीं होने से छात्रों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विगत दिनों छात्रों का प्रतिनिधिमंडल कुलपति का ध्यान आकृष्ट करते हुए चुनाव के लिए आयु सीमा का निर्धारण किए जाने की मांग की थी। कालेजोें को भी विश्वविद्यालय प्रशासन से उम्र के बाबत लिए जाने वाले निर्णय का इंतजार हैं।