शाहगंज। कस्बे के नई आबादी मोहल्ला के सेंट थामस रोड स्थित भागीरथी कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस के रिसाव से भगदड़ मच गई। आधी रात के वक्त करीब चार हजार लोग घर छोड़ वीबी बच्चो समेत सड़क पर आ गए। एसडीएम सतीश चंद्र शुक्ल भी परिवार समेत कोतवाली पहुंच गए। फायर सर्विस को सूचना दी गई। करीब एक घंटे बाद पहुंचे फायर सर्विस के जवानों ने स्थिति को नियंत्रित किया। अफरातफरी और भगदड़ जरूर रही लेकिन किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। दूसरे दिन भी लोग सहमे रहे। एसडीएम का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के लिए कोल्ड स्टोर संचालक को नोटिस भेजी जा रही है।
भागीरथी कोल्ड स्टोर में शनिवार रात मेंटीनेंस के काम चल रहे थे। रात करीब 12 बजे कारीगर काम बंद कर खआना खाने चले गए और दोबारा 12.30 बजे फिर काम शुरू हुआ। रात करीब डेढ़ बजे अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया। कोल्ड स्टोर के आसपास रहने वाले लोग भी गहरी नींद में थे। अमोनिया का रिसाव इतना तेज था कि सो रहे लोग भी घुटन महसूस करने लगे। काफी देर तक किसी को कुछ समझ में नहीं आया। कोल्ड स्टोर में ही किराएदार शिव वचन, संतोष कुमार, बद्री नाथ, राज कुमार मास्टर सबसे पहले भागे। मोहल्ले के दूसरे लोग घरों से बाहर निकले और हल्ला मचाया कि कोल्ड स्टोर में ब्लास्ट हो गया है। इसके बाद तो जो जैसी स्थिति में था वैसे ही भागा। कुछ लोग अपने घर का दरवाजा भी बंद किए बगैर बच्चों, महिलाओ को जगाया और घर छोड़ निकल भागे। गैस का रिसाव इतना तेज था कि पूरी नई आबादी मोहल्ले में अमोनिया गैस फैल गई। मोहल्ले से निकले लोग खुले स्थानों पर जमा हो गए। खुटहन रोड, सेंट थामस रोड तथा राम लीला मैदान में हजारों लोग जमा हो गए। कोल्ड स्टोर से करीब सौ मीटर दूर स्थित अपने आवास में सो रहे एसडीएम सतीश चंद्र शुक्ल को भी दिक्कत होने लगी तो परिवार समेत कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। साथ ही फायर सर्विस को तुरंत भेजने की मांग की। एसडीएम कोतवाली से तब तक बाहर नहीं आए जब तक फायर सर्विस के लोग नहीं पहुंच गए। कोतवाली से ही स्थिति की जानकारी लेते रहे। भोर में करीब साढ़े तीन बजे जिला मुख्यालय से फायर सर्विस के जवान मौके पर पहुंचे। तब तक अमोनिया गैस का दबाव कम हो गया था। फिर भी एहतियातन फायर टेंडर चलाकर पानी की बौछारे फेंकी गई। पानी के छिड़काव के कारण अमोनिया गैस का दबाव कम हुआ। कोल्ड स्टोर संचालक अशर्फी लाल यादव का कहना है कि टेक्निशियन आजमगढ़ दीदारगंज थाने के मदसार गांव विसी राम अधार यादव की लापरवाही से ऐसी घटना हुई। वह गैस का नाब बंद करना भूल गया था। अचानक लाइट आई और गैस का रिसाव तेज हो गया।