जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की सीटें भरने के लिए विवि प्रशासन एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है। कुछ पाठ्यक्रमों की सीटों को भरने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन अपने स्तर से पीयूकैट की परीक्षा कराता है। कुछ पाठ्यक्रमों में यूपीटीयू और जेएनयू से काउंसिलिंग से छात्र आते हैं। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी के लिए विवि प्रशासन हर स्तर पर प्रचार कर रहा है।
साइंस पीजी पाठ्यक्रम के लिए अभी तक 20 आवेदन आए हैं। माइक्रोबायोलाजी में 100, बायोकेमेस्ट्री में 36, बायोटेक में कुल 110 आवेदन आए हैं। जबकि इसकी सीटें भरने के लिए जेएनयू से छात्र काउंसिलिंग द्वारा लिए जाते हैं। इन्वायरमेंटल साइंस के लिए 17, बीफार्मा के लिए 107, एमबीए 187, एमसीए 27, मासकाम 26, एमसीए 60, आप्लाइड साइकोलाजी 29 और बीटेक के लिए 114 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। साइंस बायोटेक्नोलाजी में जेएनयू से छात्र आते है। काउंसिलिंग के बाद भी यदि सीटें खाली रह जाती हैँ तो विश्वविद्यालय प्रशासन अपने स्तर से यूपीटीयू की परीक्षा करा कर खाली सीटों को भरता है। जुलाई से शुरू होने वाले नए सत्र में किसी भी पाठ्यक्रम में सीटें खाली न रह जाए इसके लिए प्रचार प्रसार में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। विज्ञान और पोस्टर के जरिए परिसर में संचालित पाठ्यक्र मों को छात्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की सीटें भरने के लिए विवि प्रशासन एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है। प्रवेश परीक्षा के समन्यवक प्रो. बीबी तिवारी का कहना है कि सभी पाठ्यक्रमों में सीट के अनुरूप आवेदन आ चुके हैं। जो सीटें खाली रह जाएंगी। उसको भरने के लिए विवि अपने स्तर से प्रयास करेगा। 14 जून तक आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन के बाद प्रवेश परीक्षा की तिथि निर्धारित की जाएगी।