करंजाकला। बाबा जयगुरुदेव के शिष्य रतन दास ने कहा कि मांसाहार से समाज मे हिंसा की भावना बढ़ती है। इस नाते हम सभी को शाकाहार अपनाने की जरूरत है। हम सभी को शाकाहार बन कर देश की सेवा करने की जरूरत है। हिंसा न करो, जीवों पर दया करो, सभी को समान भाव से देखो। जयगुरुदेव यही उद्देश्य लेकर समाज को जागरूक करने का काम करते रहे। वह मंगलवार को मां दुर्गा जी विद्यभनालय के बगल में स्थित बगीचे में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि आप को मुसीबत से बचना है तो किसी को कष्ट न दें। जीवों पर दया भाव रखें। मांस, मंदिरा का परित्याग करके ही हम सच्चे मानव कहलाने के हकदार बन सकते हैं। आज मनुष्य के भीतर माया की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इसके कारण तमाम प्रकार की विकृतियां समाज में फैल रही हैं। इसके लिए मानव ही जिम्मेदार है। इस मौके पर डीके सिंह, डा. बीडी शर्मा, राजबहादुर यादव, शिवनाथ विश्वकर्मा, मोखन मास्टर, भीमसेन यादव, गरीब यादव, तीरथ विश्वकर्मा, स्वतंत्र कुमार, कंचन सिंह, शिव कुमार सिंह, बाबूराम यादव आदि मौजूद थे।