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सीमा के भीतर रह कर चलाएं लेखनी: कुलपति

Sat, 31 May 2014 05:33 AM IST
Jaunpur
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जौनपुर। हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर कलेक्ट्रेट स्थित पत्रकार भवन में आयोजित कार्यक्रम में लखनऊ से आए वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ल ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि आज के युग में पत्रकारिता के सामने कई चुनौतियां हैं। आजादी के पहले पत्रकारों के सामने एक चुनौती यह थी कि भारत को आजाद कराना है। आज एक नहीं कई चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं। हमारी लेखनी जनता के हित में उनकी मूलभूत समस्याओं पर केंद्रित होनी चाहिए। वह हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हिंदी पत्रकारिता विषयक गोष्ठी में बोल रहे थे।
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लखनऊ से आए विशिष्ट अतिथि टीवी पत्रकार गोविंद पंत राजू ने कहा कि आज करीब 30 करोड़ लोग चैनल देख रहे हैं। जिसमें से 22 करोड़ लोग हिंदी न्यूज चैनल देख रहे हैं। हिंदी के अखबारों में अंग्रेजी का प्रयोग करने से हिंदी भाषा को कोई खतरा नहीं होगा। बल्कि समय के साथ यह भाषा के नए स्वरूप के तौर पर स्वीकार हो सकता है। अध्यक्षता कर रहे पूर्वांचल विवि के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि हिंदी भाषा हमेशा आगे बढ़ी है। वर्तमान समय में इंटरनेट युग चलते पत्रकारों के सामने चुनौतियां जरूर आई हैं। पत्रकार दौड़-भाग करके तथ्य जुटाने के बाद खबरें प्रकाशित करता है। इसके बाद भी वह पीछे रह जाता है। अब पत्रकारों को पाठक और समुदाय की तलाश करके खबरें छापनी होंगी, जिससे लोगों का जुड़ाव हो सके। पत्रकारों को अपनी सीमा के भीतर रहकर लेखनी चलानी चाहिए। सीमा पार करते हुए लांछन लगना शुरू हो जाता है। इसके पूर्व सियाराम यादव और नासिर खान को समरस संस्था की ओर से सम्मानित किया गया। इसके पूर्व पत्रकार संघ के पदाधिकारियाें और सदस्यों ने आए हुए अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। संचालन मधुकर तिवारी ने किया। महामंत्री हसनैन कमर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में ओम प्रकाश सिंह, राजेंद्र सिंह, मनोज वत्स, लोलारख दुबे, राजेश श्रीवास्तव, राजकुमार सिंह, विश्वप्रकाश श्रीवास्तव, राजेश गुप्ता, राकेश कांत पांडेय, वीरेंद्र पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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