जौनपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अब मुर्दों से भी खाद्य सामग्रियों का नमूना लेना शुरू कर दिया है। छापामारी कर नमूने लेने वाली टीम ने एक ऐसे व्यक्ति से खाद्य नमूना लिया, जिसको मरे कई दिन हो चुके थे। मामला जब न्यायालय में पहुंचा तो मजिस्ट्रेट अमित कुमार पांडेय ने खाद्य अधिकारी समेत दो लोगों को नोटिस जारी कर पूछा कि मुर्दे से नमूना कैसे लिया गया। दो अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करें।
मामले के अनुसार कोतवाली थानाक्षेत्र के रिजवी खां मोहल्ला निवासी महादेव बिंद की खोवा मंडी में दुकान है। महादेव बिंद की मौत छह सितंबर 2010 को हो चुकी थी। 24 अक्टूबर 2010 को विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन निरीक्षक शिव प्रताप तिवारी ने इनकी दुकान पर छापामारी की। इस दौरान दुकान से निरीक्षक ने नारियल कतरे का एक किलो नमूना 80 रुपये में खरीदा। टीम को यह नमूना काफी पुराना लगा। जब विभाग ने नोटिस दिया तो विक्रेता ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। उपस्थित लोगों ने भी हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। नमूने को जांच के लिए भेज दिया गया। एसीजेएम प्रथम अमित कुमार पांडेय की अदालत में खाद्य निरीक्षक द्वारा आरोपी के खिलाफ मुकदमा दाखिल किया गया। इसे संज्ञान में लेते हुए न्यायालय ने आरोपी को सम्मन जारी कर तलब किया। 18 फरवरी 2014 को कोतवाली पुलिस और मरमस्त सभासद बेबीनाज की आख्या आई की आरोपी की मौत तीन वर्ष पहले ही हो चुकी है। मामले को संज्ञान में लेते हुए मजिस्ट्रेट ने खाद्य निरीक्षक और राज कालेज चौकी में तैनात कांस्टेबल चंद्रिका प्रसाद के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया है कि 24 अक्तूबर 2010 को अभियुक्त से परीक्षण के लिए नमूना खरीदा गया था, जबकि उसकी मृत्यु रिपोर्ट के अनुसार छह सितंबर 2010 को उसकी मौत हो चुकी थी। मृत्यु के बाद उससे नमूना कैसे ले लिया गया। दो अप्रैल को न्यायालय में उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करें।