जौनपुर। वीर बहादुर पूर्वांचल विश्वविद्यालय की लापरवाही के चलते मंगलवार को एमएसएसी कृषि की परीक्षा के दौरान अफरातफरी का माहौल रहा। एमएससी कृषि के प्रथम प्रश्न पत्र में द्वितीय प्रश्न पत्र का सवाल आने के कारण तीन कालेजों के 49 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। पेपर में कैच नंबर पहले पेपर का दिया गया था लेकिन सवाल द्वितीय प्रश्नपत्र का था।
विवि से संबद्ध तीन कालेजों टीडी कालेज जौनपुर, पीजी कालेज गाजीपुर और दुर्गाजी पीजी कालेज चंडेसर आजमगढ़ में एमएससी कृषि की पढ़ाई होती है। पर्चा गलत आने के कारण एमएससी द्वितीय वर्ष के छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। जबकि पहली पाली में प्रथम प्रश्न पत्र पर द्वितीय प्रश्न पत्र का कैच नंबर अंकित किए जाने के कारण परीक्षा को लेकर अफरातफरी का माहौल रहा। सभी केंद्रों पर आधे घंटे से देर से परीक्षा शुरू हुई। एमएससी एजी अंतिम वर्ष में टीडी कालेज जौनपुर में 20, पीजी कालेज चंडेसर में 14 और पीजी कालेज गाजीपुर में 15 छात्र पंजीकृत हैं। मंगलवार को दूसरी पाली में एमएससी कृषि प्रथम प्रश्नपत्र में प्रिंसिपल ऑफ प्लांट ब्रीडिंग की परीक्षा थी। जबकि विवि की ओर से भेजे गए पेपर पर मेथड ऑफ प्लांट ब्रीडिंग एंड बायोटेक्नालॉजी अंकित किया गया था। जबकि यह टाइटल द्वितीय प्रश्नपत्र का है। प्रथम प्रश्न पत्र पर कैच नंबर तो सही अंकित था, लेकिन उसमें दिए गए सवाल द्वितीय प्रश्न पत्र के थे। छात्र पहले पेपर की तैयारी करके आए थे और पर्चा द्वितीय प्रश्नपत्र का था। इस नाते छात्रों ने परीक्षा देने से इंकार कर दिया। कमोवेश यही स्थिति पहली पाली में एमएससी कृषि प्रथम वर्ष की परीक्षा के दौरान रही। प्रथम प्रश्नपत्र एग्रीकल्चर इकोनामिक्स के पेपर पर द्वितीय प्रश्नपत्र का कैच नंबर अंकित था। सवाल प्रथम प्रश्नपत्र का होने के कारण पहली पाली में परीक्षा करा दी गई, लेकिन छात्रों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। टीडी कालेज के प्राचार्य डा. यूपी सिंह, दुर्गाजी पीजी कालेज चंडेसर के प्राचार्य डा. सर्वानंद पांडेय और पीजी कालेज गाजीपुर के प्राचार्य डा. अमरनाथ सिंह ने बताया कि एमएसएसी द्वितीय वर्ष के छात्रों ने प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा का बहिष्कार कर दिया है। इसकी सूचना विवि को दे दी गई है।