थानागद्दी/केराकत। केराकत कोतवाली क्षेत्र के सोहनी गांव में बीती रात एक वृद्ध दंपती की ईंट-पत्थर से सिर कूंच कर नृशंस हत्या कर दी गई। पांच लड़कियों के मां-बाप दंपती अपने सबसे छोटे दामाद के साथ गांव में रहते थे। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रथम दृष्ट्या संपत्ति के लिए हत्या किए जाने की आशंका जताई। वहीं कुछ लोगों ने घटना को किसी अदावत की परिणति से जोड़कर देखा। हालांकि इसका खुलासा छानबीन पूरी होने के बाद ही हो सकता है।
सोहनी गांव के बरबस पुरवा बस्ती में अगरदू प्रजापति (70) पत्नी जुबड़ा देवी (65) के साथ रहते थे। अगरदू की पांच बेटियां शांति, हीरामनि, तारा, सुनीता और संगीता हैं। उनका सबसे छोटा दामाद श्रवण प्रजापति यहां उनके साथ रह कर खेतीबारी का काम देखता है। अगरदू के पास एक बीघे खेती की जमीन है। श्रवण ने एक बीघे जमीन अपने नाम खरीदी है। अपनी और ससुर-सास की खेतीबारी का काम वही देखता है। सोमवार की रात खाना खाने के बाद अगरदू और दामाद श्रवण घर के बाहर नीम के पेड़ के नीचे चारपाई पर और जुबड़ा कच्चे घर के अंदर दरवाजा चिपका कर सोई थी। इसी बीच किसी समय बदमाशों ने तीनों पर हमला बोल दिया। इससे अगरदू और जुबड़ा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्रवण गंभीर रूप से घायल हो गया। सुबह गांव के लोगों ने देखा। ग्रामीण राजेश यादव, गिरधर यादव आदि ने बताया कि कराहने की आवाज सुनकर जब वे लोग गए तो श्रवण को चारपाई पर छटपटाते हुए पाया। उसके सिर और चेहरे पर गंभीर जख्म थे। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना देते हुए ग्रामीणों ने घायल श्रवण को केराकत के एक निजी चिकित्सालय में दिखाया गया। जानकारी मिलने के बाद सीओ सर्वजीत शाही के साथ कोतवाल एके तिवारी, एसडीएम राम हर्ष मौर्या मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घायल श्रवण को बनारस के दीन दयाल उपाध्याय हास्पिटल भेजा। बाद में परिवारीजनों ने उसे बनारस के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। थोड़ी ही देर में डॉग स्क्वॉयड और फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। घटनास्थल पर खून से सनी ईंट मिली। खोजी कुत्ते को घटनास्थल से तकरीबन सौ मीटर दूर गली में एक मोबाइल और लगभग 25 मीटर दूर एक टॉर्च मिला है। जानकारी मिलने के बाद मौके पर क्राइम ब्रांच की टीम भी पहुंची। एसपी भारत सिंह यादव ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या घटना के पीछे संपत्ति विवाद हो सकता है। कोतवाल एके तिवारी ने कहा कि हो सकता है कि किसी रंजिश में हत्या हुई हो। हालांकि छानबीन जारी है।
वृद्ध दंपती की हत्या के पीछे छूटे कई सवाल
थानागद्दी। सोहनी गांव के बरबसपुरवा में वृद्ध दंपती की हत्या की लोमहर्षक वारदात के पीछे कई सवाल अनुत्तरित रह गए हैं। प्रापर्टी विवाद या फिर रंजिशन हुई इतनी बड़ी घटना की आशंकाएं भी पूरी तरह लोगों के गले के नीचे नहीं उतर पा रही है। महज एक बीघे भूमिधरी का मालिक अगरदू दो कमरे के कच्चे मकान में रहता था। हालांकि यह छानबीन का प्रश्न है, लेकिन इस प्रापर्टी के लिए दंपती को मौत के घाट उतारे जाने की बात पूरी तरह हजम नहीं हो पा रही है। जहां तक रंजिश में हुई इस घटना की बात है तो सिवान में रह कर जीवन यापन करने वाले 70 साल की उम्र के बुजुर्ग से भला किसकी अदावत हो सकती है। पुलिस की जांच के दिशा में ये बिंदु कहीं न कहीं रुकावट की तरह काम जरूर करेंगे। हालांकि सच्चाई से पर्दा तो जांच पूरी होने के बाद ही उठ पाएगा। अगरदू के तीन और भाई जंगली, दासू और घरबासू हैं, जो उसके साथ नहीं रहते। वे काफी पहले केराकत कोतवाली क्षेत्र के बम्मावन गांव में आकर बस गए थे।
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कत्ल की बढ़ती वारदातों से सनसनी
थानागद्दी। जौनपुर और बनारस जिले के बार्डर पर स्थित सोहनी गांव का यह सुनसान इलाका पिछले कुछ वर्षों के दौरान हत्या की घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील हो गया है। पिछले वर्ष आठ नवंबर 2013 को इसी गांव में गोरख राजभर की हत्या कर दी गई थी। बनारस के रहने वाला गोरख कनुवानी बाजार में दवाखाना चलाते थे। दवाखाने से घर जाते समय रास्ते में उनकी हत्या कर दी गई थी। दस वर्ष पूर्व यही स्थान सपा नेता परशुराम यादव की हत्या को लेकर सुर्खियों में आया था। यहां बदमाशों ने सपा नेता को मौत के घाट उतार कर पुलिस को चुनौती दी थी। एक के बाद कत्ल की वारदात को लेकर चर्चा में आ रहे इस इलाके में नए ताजे घटनाक्रम से सनसनी फैल गई है।