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गम के माहौल में उठी कासिम की मेंहदी

Wed, 13 Nov 2013 05:41 AM IST
Jaunpur
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जौनपुर। सात मुहर्रम का दिन दूसरे इमाम हजरत हसन के बेटे हजरत कासिम से मनसूब किया गया। सोमवार को जगह-जगह हजरत कासिम की मेंहदी उठाई गई। अंजुमनों ने जाऊं सौ बार तुम पर वारी, आज मेंहदी है कासिम तुम्हारी नौहे पर नौहाख्वानी और सीनाजनी की। लोगों ने उनकी दादी जनाबे फात्मा जहरा को आंसुओं का नजराना पेश किया। हर ओर से नौहा मातम की सदा आ रही थी। जुलूसों में लोगों ने सबील का भी इंतजाम किया था।
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सात मुहर्रम को शहर के बलुआघाट से अलम, दुलदुल और ताबूत इमाम हुसैन का जुलूस निकाला गया। जुलूस में सोजख्वानी निशात और उनके साथियों ने की। मजलिस को हुसैन अब्बास जैदी ने खिताब किया। मजलिस में उन्होंने इमाम हुसैन और उनके साथियों पर किए गए जुल्म को बताया। मसाएब सुनते ही वहां मौजूद हर कोई रोने लगा। जुलूस अंजुमन हुसैनिया के हमराह स्व. हाजी मो. अली खां इमामबाड़े से उठकर अली नजफ होता हुआ पुन: उसी इमामबाड़े में समाप्त हुआ। जुलूस में बीच में तकरीर हुई। जिसे गुलाम सकलैन ने खेबात की। तकरीर के बाद अली असगर का झूला निकाला गया। जुलूस में मुख्य रूप से तकी हैदर, बिरजिस, छोटे, रूबी, राज आदि शामिल रहे। रात में शेख मोहामिद से हजरत कासिम की मेंहदी निकाली गई। जूलूस की मजलिस कैसर नवाब ने खेताब किया। उन्होंने कहा कि हजरत कासिम को यजीदी फौज ने शहीद करने के बाद उनका लाश पर घोड़े दौड़ा दिए। इससे उनकी लाश कई टुकड़े हो गए। मौलाना हुसैन मैदान में पहुंचे और कासिम की लाश एक गठरी में करके लाए। हजरत कासिम की लाश देखते ही खेमे में कोहराम मच गया। बीबीयां रोने लगीं। मजलिस के बाद अंजुमन हुसैनिया के हमराह हजरत कासिम की मेंहदी और अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस में अंजुमन जाफरिया और जाफरी ने भी नौहाख्वानी की। जुलूस वक्फ असगिरया होते हुए शेखा के इमामबाड़े पहुंचा। यहां अली असगर के झूले से अलम का मिलान कराया गया। बाजार भुआ स्थित स्व. मीर बहादुर अली दलान से दुलदुल का जुलूस निकाला गया। जुलूस इमामबाड़ा जंगी शहीद, छतरीघाट, सदर इमामबाड़ा, मीरू सैयद, छत्तातर होता हुआ बाजार भुआ पहुंचा।
यहां पर अंजुमन गुलशने इस्लाम ने नौहाख्वानी और सीनाजनी की। जुलूस इमामबाड़ा दलान में जाकर खत्म हुआ। इस मौके पर बहादुर अली, शहेंशाह हुसैन रिजवी, अगसर हुसैन जैदी आदि मौजूद रहे। पुरानी बाजार स्थित सोजख्वा अगसर हुसैन के घर से जुलूस निकाला गया। जुलूस मीरू सैयद में खत्म हुआ। इसके अलावा मोहल्ला पोस्तीखाना से अलम दुलदुल और सिपाह से अलम दुुलदुल का जुलूस निकाला गया।
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खेतासराय: सातवीं मुहर्रम पर हजरत अब्बास की याद में अलम का जुलूस क्षेत्र के शहीदी चौक से निकाला गया। इस दौरान अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी की। शाहगंज: नई आबादी मोहल्ला स्थित छंगुखां के इमामबाड़े से अंजुमन हैदरी की ओर से मुहर्रम का जुलूस में शबीहे अलम निकाला निकाला गया। रास्ते में अंजुमने नौहाख्वानी और सीनाजनी करती हुई बढ़ रही थीं।
मडियाहूं: रेलवे गेट के पास मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। जुलूस काजीकोट मस्जिद पर जाकर समाप्त हुआ। जुलूस में अखाड़ा कमेटियां अपने करतब दिखाते हुए चल रही थीं। इस मौके पर कफील राईन, फिरोज अंसारी आदि मौजूद रहे।
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