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1960 घरों में शौचालय नहीं, फिर भी ओडीएफ हो गया शहर

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ईशापुर में बंद पड़ा सामुदायिक शौचालय। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। जौनपुर शहर खुले में शौच मुक्त हो गया है। सरकार के इस प्रमाणपत्र पर शहरवासियों के लिए ही यकीन करना संभव नहीं है। प्रशासन भले ही यह दावा करे कि हर घर में शौचालय बन गया है और लोग उसका इस्तेमाल करते हैं। मगर हकीकत यह है कि 1960 घरों में शौचालय ही नहीं है और गोमती किनारे, बाहरी वार्डों में जाने वाले मार्गों, रेल पटरियों के किनारे गंदगी पसरी है।
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करीब सवा तीन लाख की आबादी वाले शहर में 39 वार्डों में तकरीबन 34 हजार मकान हैं। वर्ष 2016 से शुरू हुए स्वच्छ भारत मिशन-शहरी में यहां 1789 ऐसे परिवारों को चिह्नित किया गया था, जिनके घरों में शौचालय नहीं बने थे। वर्ष 2019 तक उनके घरों में शौचालय बनवाए गए। इस दौरान ग्रामीण इलाकों को जोड़कर नौ नए वार्ड बना दिए गए। इन वार्डों में 2661 घरों में शौचालय नहीं थे। अब तक शहर में 2380 बनवाए गए हैं, जिनमें पुराने 1789 शौचालय भी शामिल हैं। नए वार्डों के 1960 घरों में अभी भी शौचालय नहीं है। अपने ही आंकड़ों को धताबताते हुए नगर पालिका ने शहर के ओडीएफ होने की रिपोर्ट भेज दी और शहर खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया गया। अफसरों का तर्क है कि शौचालय विहीन परिवारों के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में 158 सीट की क्षमता वाले 24 सामुदायिक शौचालय बनवाए गए हैं। लोग उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। मगर सामुदायिक शौचालयों का हाल यह है कि उनमें से अधिकांश में ताले लटके रहते हैं।
गोमती के तट और बाहरी मोहल्ले खोल रहे पोल
शहर के ओडीएफ होने के दावे गोमती के तट पर पहुंचते ही हवा में उड़ जाते हैं। तट कडे दोनों तरफ गंदगी का ढेर है। पक्के घाट वाले इलाके को छोड़ दें तो अन्य किनारों पर सुबह के वक्त तमाम लोग गंदगी करते रहते हैं। यही हाल शहर के बाहरी मोहल्लों में जाने वाली सड़कों का भी है। ईशापुर, अहियापुर, मीरपुर सहित रेलवे लाइन के किनारे बसे मोहल्लों में गंदगी का अंबार भी दावों को मुंह चिढ़ा रहा है।
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शहर को ओडीएफ घोषित करने से पहले सभी सभासदों, स्कूल संचालकों, स्वयं सेवी संस्थाओं और चेयरमैन से इसकी सहमति ली गई है कि अब कोई परिवार खुले में शौच के लिए नहीं जा रही। लिखित सहमति के बाद शहर को ओडीएफ घोषित कर क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया को रिपोर्ट भेजी गई है। वहां के प्रतिनिधि शीघ्र ही इसकी जांच भी करेंगे। -संतोष कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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