अगहुआ गांव में बरसात में गिरा कच्चा मकान। संवाद
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जौनपुर। प्रतापगढ़ में बुधवार को जर्जर मकान गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण नहीं की जानकारी लेने के लिए निकली। पता चला कि 95 भवनों का ध्वस्तीकरण इसलिए नहीं हो रहा है कि इन भवनों की तकनीकी जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। अब जरा सोचिए कि तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के पहले ही यदि कोई बड़ा हादसा हो जाए तो जिम्मेदार कौन होगा। नगर पालिका परिषद ने बीते महीने 95 भवनों का चिह्नीकरण करके भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया था। इनमें से एक भी भवन अभी ध्वस्त नहीं कराए गए हैं। हालांकि, अब नगर पालिका प्रशासन ने इन भवनों का तकनीकी परीक्षण कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही भवनों को खाली कराने या ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। दीवारों में दरार, छज्जों से गिर रहे हैं प्लास्टर : जर्जर भवनों की हालत ये है कि दीवारों में दरार आ गई है। छज्जों से प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं। बारिश से बचने के लिए भी यहां राहगीर खड़े नहीं होते हैं। इन भवनों की नींव और कमजोर हो रही है।