जौनपुर। मौसम तेजी से बदल रहा है। गर्मी बढ़ने के बाद मरीजों की संख्या बढ़ेगी। जिले में डॉक्टरों के 253 पद स्वीकृत हैं। इसमें 160 डाक्टरों की ही तैनाती है। 93 पद खाली हैं। ऐसे में डाॅक्टरों की कमी के कारण मरीज इलाज के लिए भटकेंगे। सीएचसी से लेकर उपकेंद्रों तक मरीजों को परेशानी होगी।
मरीजों के लिए 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 85 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 508 उप स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन हो रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों के पद वर्षो से खाली पड़े हैं। शासन स्तर से इन पदों को भरने के लिए आज तक कोई पहल नहीं की गई। गर्मी के मौसम में इलाज को लेकर हर साल मारामारी होती है। डाक्टरों के खाली पदों पर तैनाती नहीं होने से इस साल भी स्थिति पहले जैसी ही रहने की संभावना है। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर आज भी वही स्थिति बनी हुई है। कहीं एक डाॅक्टर तो कहीं दो डाॅक्टरों के भरोसे मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
5 से 7 साल से खाली पड़े हैं पद
जिले के सरकारी अस्पतालों में डाॅक्टरों के पद खाली पड़े हैं। शासन से डाॅक्टरों के कुल 253 पद स्वीकृत हैं। इसमें 160 डाक्टरों की तैनाती है। शेष 93 पद 5 से 7 साल से खाली पड़े हैं। पीएचसी की हालत तो सबसे अधिक खराब है। यहां तो इलाज के नाम पर केवल कोरम पूरा किया जाता है। इलाज की सुविधा नहीं मिलने पर मरीजों को जिला अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ती है। अधिकांश अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं।
जिले के सरकारी अस्पतालों में खाली पड़े डाॅक्टरों के पदों को भरने के लिए शासन के साथ स्वास्थ्य विभाग को भी पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है। डॉक्टर मिलने के बाद अस्पतालों में तैनाती कर दी जाएगी। - डॉ. प्रभात सिंह, सीएमओ जौनपुर