जौनपुर। नगर पालिका बोर्ड की बैठक शुक्रवार को अध्यक्ष माया टंडन की अध्यक्षता में नगरपालिका कार्यालय के सभागार में हुई। वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है, लेकिन बजट न पेश करने पर सभासदों ने आपत्ति की। बहस के दौरान सभासद आपस में ही भिड़ गए। एक दूसरे को देख लेने तक की बात होने लगी। कुछ सभासदों ने ही बीच बचाव कर मामले को शांत कराया। हालांकि बहस के दौरान अध्यक्ष और ईओ बैठक से चले गए।
बैठक शुरू होते ही 10 जनवरी को हुई बैठक में अधूरे रह गये प्रस्ताव को पास कराने के लिए सदन में रखा। पिछली बैठक में पं. दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत विभिन्न कार्यों का डीपीआर का प्रस्ताव लाया गया था लेकिन त्रुटि होने के कारण उसे पास नहीं किया गया था। संशोधन के बाद उसे आज सदन में रखा गया। सभासद नंदलाल यादव, दीपक जायसवाल, रेनू पाठक सहित अन्य ने आपत्ति की। कहा कि मार्च वित्तीय वर्ष की समाप्ति का वर्ष है। इसलिए पालिका का बजट पास होना चाहिए। सभासदों ने कहा कि बजट पास न होने के कारण कर्मचारियों का वेतन नहीं मिलेगा, सफाई, बिजली सहित अन्य कार्य भी प्रभावित होगा। कुछ ही दिनों में लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहित लागू हो जाएगी।
इस मुद्दे को लेकर कुछ अन्य सभासदों के बीच बहस होने लगी। कुछ सभासद यह कहने लगे कि डीपीआर को ही पास होने दिया जाए। इस पर दो सभासदों में तीखी नोंकझोंक होने लगी। सभासद आपस में ही बहस करने लगे। वरिष्ठ सभासद व एसडीएम सदर मंगलेश दुबे ने भी समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग शांत नहीं हुए। तभी अध्यक्ष माया टंडन और ईओ कृष्ण चंद्र सदन से चले गये। बैठक में सभासद हुस्नआरा इरशाद मंसूरी, सतीश त्यागी, रामसूरत मौर्य, नमिता सिंह, रामअवतार सोनी, संतोष मौर्य, बाला लखंदर यादव, संजीव भारती, मो. सदफ सहित अन्य मौजूद रहे। वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना होने के बाद बजट प्रस्तुत न करने के संबंध में अध्यक्ष ने कहा कि बजट को अप्रैल के प्रथम सप्ताह में प्रस्तुत किया जाता है। पिछली बैठक के डीपीआर को स्वीकृति दिलाने के लिए आज बैठक हुई।