जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान में बुधवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस शुरू हुआ। विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक माडल और रंगोली के जरिए अपनी सृजन क्षमता का प्रदर्शन किया। क्विज, रंगोली एवं मॉडल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। रंगोली प्रतियोगिता में 75 विद्यार्थियों ने अपनी सृजन क्षमता प्रदर्शित की। उन्होंने साइबर क्राइम, मिराज, सीवी रमन, ग्लोबल वार्मिंग, सेव वाटर, तकनीकी प्रयोग आदि विषय पर रंगों से संदेश दिया। विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित प्रतियोगिता में 117 विद्यार्थी शामिल हुए। साइंस एवं टेक्नोलॉजी विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में फार्मेसी एवं इंजीनियरिंग संस्थान के विद्यार्थियों ने सोलर एनर्जी, बीपी मशीन, स्मार्ट सिटी, वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट, हाइड्रॉलिक लिफ्ट आदि विषयों पर आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए।
निर्णायक मंडल में अनु त्यागी, पूजा सक्सेना, डा. प्रमोद कुमार यादव, डा. कमलेश पाल, डा. राजकुमार, डा. रजनीश भास्कर, डा. संतोष कुमार, डा. प्रवीण कुमार, नितेश जायसवाल, इंद्रेश कुमार शामिल रहे। इंजीनियरिंग संकाय के अध्यक्ष प्रो. एके श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। प्रो. बीबी तिवारी ने बताया कि 28 फरवरी को विज्ञान दिवस के दूसरे दिन देश के देश के जाने माने वैज्ञानिकों को विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया गया है। जिसमें अनुसंधान एवं विज्ञान संगठन के प्रो. केएन पांडेय, आईआईटी के प्रो. एसराम, खड़कपुर पूना विश्वविद्यालय के प्रो. विलास तभाने, वैदिक गणित के विद्वान डा. कैलाश वैदिक शामिल है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के समन्वयक रवि प्रकाश ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संचालन डा. शैलेश कुमार प्रजापति ने किया।