एक ही साथ दो स्थानों से सरकारी राशन लेने का खुलासा होने पर जिले में 8628 यूनिट के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। 2531 राशन कार्ड धारकों के नाम वेबसाइट से हटा दिए गए। जिले में वर्तमान समय में एक लाख 25 हजार 472 अंत्योदय कार्ड धारक हैं। जबकि छह लाख 76 हजार 44 पात्र गृहस्थी कार्डधारक हैं। इस तरह से कुल 801516 कार्ड धारक हैं।
पात्रों को समय समय पर राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें हजारों परिवार दूसरे प्रदेशों में रोजी रोटी के लिए रहते हैं। कोरोना काल के दौरान महानगरों से पलायन कर कई लोग अपने गांव चले आए थे। इसमें अधिकतर लोगों के नाम से पहले से जिले में राशन कार्ड बना था। जिन लोगों के राशन कार्ड नहीं बने थे उनके लिए शासन के निर्देश पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकारी राशन मुफ्त में देने का लिए तात्कालिक तौर पर अंत्योदय और पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड जारी किया गया था, ताकि जिले में आए किसी भी प्रवासी मजदूर का परिवार भूखे न रहने पाएं।
कोरोना काल समाप्त होने के बाद सभी परिवारों सहित महानगरों के लिए रवाना हो गए। इस दौरान बात फैली की जो लोग अपात्र होते हुए राशन कार्ड के जरिए फ्री में राशन ले रहे है, उनसे राशन की वसूली की जाएगी। जिसके डर से कई लोगों ने अपने राशन कार्ड निरस्त करा दिए। ऐसे में हजारों राशनकार्ड धारक ऐसे भी बचे रहे गए थे जिनका दो जगहों का राशन कार्ड था और उसका लाभ ले रहे थे। जब वन नेशन वन राशन कार्ड का नियम लागू किया गया तो सत्यापन में 8628 युनिट के लगभग 2531 राशन कार्ड ऐसे मिल गए जिनका राशन कार्ड जिले में भी बना था और दूसरे राज्य में रहते हुए वहां भी राशनकार्ड से भी राशन ले रहे थे। ऐसे में जो दूसरे प्रदेशों से राशन उठा रहे थे उनका नाम पोर्टल से हटा दिया गया है।
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वर्जन
अप्रैल माह से लेकर अब तक जांच में करीब ढाई हजार राशन कार्ड दो स्थानों से बने होने की पुष्टि होने के बाद इन सभी का नाम पोर्टल से हटा दिया गया है। दो स्थानोें से बने राशनकार्ड की अभी भी कहीं से शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर पोर्टल से उनका नाम हटाने की प्रक्रिया की जा रही है।
- संतोष विक्रम शाही, जिलापूर्ति अधिकारी