शासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रवैया अपना रखा है। जनपद में भी इसके खिलाफ जबर्दस्त अभियान चलाया जा रहा है। किंतु 86 अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन की मेहरबान इन दिनों चर्चा में है। ये अतिक्रमणकारी शहर के प्रमुख स्थान वाजिदपुर से लेकर नये पुल के पास तक हैं। जिन्हें दो माह पूर्व एक सप्ताह में भूमि को खाली करने की नोटिस दी गई थी। नोटिस जारी होने के बाद अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई थी। लेकिन, दो माह बीत जाने के बाद भी न तो अतिक्रमण हटा न ही संबंधितों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई। यही नहीं कल तक इसे लेकर सख्त रुख अपनाने का दावा करने वाले जिम्मेदार अब खामोश पड़ गए हैं
सवा तीन लाख आबादी वाले शहर के प्रमुख मार्ग वाजिदपुर तिराहे से लेकर जेसीज चौराहा से आगे लक्ष्मी कांप्लेक्स तक मार्ग पर तकरीबन 86 लोगों ने सरकारी खाते की भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिनको मई माह के पहले ही पखवारे में नोटिस भेजा गया था। इसमें एक सप्ताह के अंदर भूमि से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने और साक्ष्य नहीं रहने पर स्वयं अतिक्रमण हटा लेने का निर्देश दिया गया था। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई था। प्रशासन की इस सख्ती के बाद अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मच गया था। लेकिन, पता नहीं क्या हुआ, कल तक इसे लेकर सख्ती दिखाने वाला प्रशासन खुद ही चुप्पी साध लिया। जबकि पिछले काफी दिनों से लोग अभियान चलने का इंतजार भी कर रहे थे, वे इसे लेकर चर्चा भी कर रहे थे कि आखिर इस रुट पर अभियान कब चलेगा। हालांकि कब्जेधारियों में से कइयों ने लोग लोक निर्माण विभाग को त्रुटिपूर्ण बता रहे हैं। वहीं, उस समय जिन्हें नोटिस भेजी गई थी, उसमें होटल, दुकानदार, एजेंसी संचालक, डाक्टर, लैब आदि चलाने वाले लोगों का नाम सूची में शामिल था, जो इस समय धड़ल्ले से कब्जा जमाए हुए हैं, और इधर से गुजरने वाले जिम्मेदार भी इन्हें नजर अंदाज करके चले जा रहे हैं।