जौनपुर। राज्य कर्मचारी का दर्जा देने को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में काम बंद कलम बंद हड़ताल किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया। साथ ही मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की। मांग पूरा नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष सरिता सिंह ने कहा कि राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, राज्य कर्मचारी घोषित नहीं करने तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 18 हजार करने व सहायिकाओं का मानदेय नौ हजार करने , मुख्य सेविका के रिक्त पदों पर शनप्रतिशत योग्यता परीयता के आधार पदोन्नति करने, सामाजिक सुरक्षा व ईपीएफ योजना का लाभ देने, 30 दिन का सवैतनिक अवकाश देने सहित आठ सूत्रीय मांग काफी दिनों से लंबित है। मांगों को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन व हड़ताल किया गया। लेकिन अभी तक सरकार द्वारा मांगों को पूरा नहीं किया गया है। जबकि सात जून 2018 को मुख्यमंत्री व शासन के उच्चाधिकारियों और संगठन के पदाधिकारियों के बीच त्रिस्तरीय वार्ता भी हुई । जिसमें मांगों को तत्काल लागू करने का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन अभी तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगों का निस्तारण नहीं होगा। तब तक आंदोलन चलता रहेगा। अभी हम 10 फरवरी तक जिले में शांति पूर्वक प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 11 फरवरी को लखनऊ के इकोगार्डेन में अनिश्चित कालीन आंदोलन करेंगे।हड़ताल का संचालन जिला महामंत्री मिनाक्षी शुक्ला ने किया। हड़ताल में जिला संयोजक राकेश कुमार श्रीवास्तव, सीबी सिंह, ज्योति, मंजू, सुजाता, मीना, पुष्पा, रीता श्रीवास्तव, रेखा व चंद्रशेखर सिंह आदि उपस्थित रहे।