फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब इंदिरा गांधी को सुनने उमड़ पड़ा जनसैलाब

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
केराकत। सन् 1977 में जनता पार्टी की लहर के चलते अपनी व अपनी कांग्रेस पार्टी की अप्रत्याशित हार के बाद पहली बार 1978 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी केराकत में पहुंची थी। उस समय रहे यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामानंद राय एडवोकेट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे स्व. कल्पनाथ राय से कहकर केराकत नगर के नार्मल स्कूल के मैदान पर सितंबर माह में एक जनसभा इन्दिरा गांधी की सभा रखवाया था। इंदिरा गांधी कार से जौनपुर से केराकत आते समय मुफ्तीगंज बाजार में लबे रोड खड़ी भारी भीड़ देख रुक गई। उसी समय भोला विश्वकर्मा के मकान के सामने रखी गयी चौकी पर बैठकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करने के बाद श्रीमती गांधी यह कहकर कि मेरी हार से आप सभी दुखी हैं। बहुत जल्द सब ठीक हो जायेगा। इसके बाद केराकत के लिए रवाना हो गयी। जब इन्दिरा गांधी केराकत के नार्मल स्कूल के मैदान पर पहुंची तो उन्हें देखने सुनने हेतु एक लाख से अधिक की अधिक संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी थी। जिसमें भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। मंच पर पहुंचते ही इन्दिरा गांधी ने अपने सम्बोधन में सन 1977 में चुनावी हार की चर्चा करते हुए कहा कि मेरे भाइयों मेरी बहनों यह जनता की हार नहीं है, बल्कि यह हमारी हार हुई है। आप लोग धैर्य बनाए रखें। मैं बहुत जल्द ही सत्ता में लौटूंगी। आज भी बहुत से ऐसे लोग हैं, जिन्होंने उस समय सभा में पहुंच कर इन्दिरा गांधी का भाषण सुना था। और उनके भाषण को याद कर कहते हैं कि अपने संक्षिप्त भाषण में इन्दिरा गांधी ने इशारों इशारों में बहुत कह दिया था। 1980 में हुए लोकसभा के मध्यावधि चुनाव में जनता ने कांग्रेस पार्टी को प्रचंड बहुमत से जिता दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें