जौनपुर। पीडब्ल्यूडी की सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य की प्रगति धीमी है। खासतौर से पीडब्ल्यूडी के 70 ठेकेदारों की प्रगति अत्यंत धीमी है। प्रगति खराब होने पर पहले विभागीय अधिकारियों और अब डीएम की तरफ से खराब प्रगति वाले 70 ठेकेदारों को नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस में फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी गई है।
लापरवाही के कारण करीब चार करोड़ की परियोजनाओं की प्रगति धीमी है। जिलाधिकारी की तरफ से जारी नोटिस में ठेकेदारों को चेतावनी दी गई है कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी होने पर फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने सड़कों को बहुत जल्द गड्ढामुक्त करने की हिदायत दी है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि निर्धारित समय के अंदर कार्य पूर्ण कराया जाना चाहिए। ताकि लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो। लोगों की समस्याओं को देखते हुए पीडब्ल्यूडी की तरफ से एक महीने पहले संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी जब संतोषजनक सुधार नहीं हुआ तो अब डीएम ने खुद 70 ठेकेदारों को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में डीएम ने कहा है कि जिन ठेकेदारों को कार्य सौंपे गए हैं, वे उसे कार्य को जल्दी पूरा करें, अन्यथा उनके खिलाफ अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इन अधूरे पड़े कार्यों की कुल लागत करीब चार करोड़ रुपये है। कई इलाकों में खराब सड़कों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि डीएम की तरफ से ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया है। डीएम की तरफ से पीडब्ल्यूडी को कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रगति की रिपोर्ट भी समय-समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश हैं। ठेकेदारों को चेतावनी दी गई है कि यदि कार्य में लापरवाही जारी रही तो उनका रजिस्ट्रेशन रद करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन अब इन परियोजनाओं को जल्दी पूरा कराने के लिए कड़ा रुख अपनाए हुए है।