मछलीशहर। एनएच 731बी (मछलीशहर-वाराणसी) मार्ग का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है लेकिन मछलीशहर कस्बे में राजनीति और विरोध के फेर में फंसा 300 मीटर का हिस्सा राहगीरों की मुसीबत बन गया है। जंघई तिराहे से रायबरेली-जौनपुर हाईवे को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण अधूरा रहने के कारण 640 करोड़ की यह महत्वपूर्ण परियोजना अधर में लटकी है, जिससे स्थानीय लोगों को आए दिन भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है। नवंबर 2023 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत मछलीशहर में बाईपास की मांग को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। व्यापारियों की मांग पर तत्कालीन सांसद बीपी सरोज ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर बाईपास निर्माण का अनुरोध किया था। इस पत्र के बाद मंत्रालय ने कस्बे के बीच होने वाले 300 मीटर सड़क निर्माण पर रोक लगा दी। हालांकि, दो साल बीत जाने के बाद भी न तो बाईपास स्वीकृत हो पाया और न ही रुकी हुई सड़क का निर्माण शुरू हो सका। सड़क संकरी होने के कारण वर्तमान में ही यातायात व्यवस्था ध्वस्त है। स्थानीय लोगों की चिंता इसलिए बढ़ गई है क्योंकि अगले 20 दिनों में जंघई फ्लाईओवर चालू होने की संभावना है। फ्लाईओवर शुरू होते ही भारी वाहनों का दबाव होगा।