जौनपुर। रसोई गैस की किल्लत के बीच पीएनजी उपभोक्ताओं को अब अपना घरेलू एलपीजी सिलिंडर डिस्ट्रीब्यूटर के पास जमा कर कनेक्शन सरेंडर करना होगा। जिले में करीब 6358 पीएनजी उपभोक्ता हैं, जिन्हें यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अब इनकी बुकिंग पर भी रोक लगा दी गई है।
जिले में कुल 9 लाख 32 हजार 169 घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इसके अलावा 6358 पाइप्ड प्राकृतिक गैस पीएनजी कनेक्शन के उपभोक्ता हैं, जिन्होंने अभी घरेलू एलपीजी सरेंडर नहीं किया है। अब रसोई गैस की किल्लत से राहत के लिए शासन की ओर से पीएनजी उपभोक्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वैच्छिक रूप से घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दें। अन्यथा की स्थिति में डेटाबेस से मिलान के बाद रिफिल प्रक्रिया ब्लॉक कर दी जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी संतोष विक्रम शाही ने बताया कि पाइप्ड प्राकृतिक गैस कनेक्शन व घरेलू एलपीजी दोनों कनेक्शन रखने वाला कोई भी व्यक्ति घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं रखेगा, या किसी भी सरकारी तेल कंपनी से व उनके वितरकों के माध्यम से घरेलू एलपीजी सिलिंडरों का रिफिल नहीं प्राप्त करेगा। ऐसे व्यक्तियों को जिनके पास दोनों ही रूप में कनेक्शन हैं वे अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन को तत्काल वापस कर दें। पीएनजी कनेक्शन धारकों की सूची गैस कंपनियों को उपलब्ध करा दी गई है। इनके रिफिल पर भी रोक लगा दी गई है।
सिलिंडर के लिए सुबह से लाइन में लग रहे उपभोक्ता
गैस आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को सिलिंडर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जिले भर की गैस एजेंसियों पर सुबह से सिलिंडर लेने के लिए लोग लाइन में लग रहे हैं। इसमें कुछ ही लोगों को गैस सिलिंडर मिल पा रहा है। बाकी निराश होकर लौट जा रहे हैं। ऐसे में पीएनजी कनेक्शन को सुविधाजनक और भरोसेमंद विकल्प माना जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के पास पाइप्ड प्राकृतिक गैस कनेक्शन है, उसका उपयोग करें ताकि अन्य घरेलू एलपीजी कनेक्शन धारकों को राहत मिल सके।