जौनपुर। लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों को लेकर भले ही लोग जाति धर्म में बंट जाते हैं लेकिन लोगों के मन में सांसद चुनने को लेकर कई तरह के सवाल है। खासकर चिकित्सकों को ऐसा सांसद चाहिए जो उनकी बातों को बेबाकी से सदन में उठा सके।
डा. सौरभ उपाध्याय का कहना है कि चुनाव आते ही सभी दलों के प्रत्याशी अपने को योग्य और ईमानदार बताते हैं। लेकिन जीतने के बाद वह न तो जनता की सुधि लेते हैं और न ही ईमानदारी पूर्वक विकास कार्य ही करते हैं। डा. आरपी यादव का कहना है कि सांसद ऐसा चुनना चाहिए जो पढ़ा लिखा हो और जनता की समस्याओं को निराकरण कराने की क्षमता रखता हो। ऐसे भी प्रत्याशी चुनाव में आ जाते हैं जो ठीक से बात भी नहीं कर पाते। डा. अजय पांडेय का कहना है कि जौनपुर चारों तरफ से क्रासिंग से घिरा हुआ है लेकिन कोई ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हो रहा है। मड़ियाहूं क्रासिंग पर चार सालों से ओवरब्रिज बन तो रहा है लेकिन आधा भी पूरा नहीं हो पाया। सांसद ऐसा चाहिए जो जिसकी सोच इस तरह के विकास कार्य करने की हो। डा. विजय यादव का कहना है कि सांसद की सोच देश स्तर की होनी चाहिए। दल और जाति से ऊपर उठकर योग्य उम्मीदवारों को हमें सांसद चुनना चाहिए।