जौनपुर। गोमती नदी के घाट पर कई स्थानों पर नगर पालिका ने कूड़े का ढेर लगा दिया है। इस पर मिट्टी ऊपर से डालकर ढंक दिया जा रहा है। शुक्रवार को बारिश होने पर गोपाल घाट से कूड़ा, कचरा बहकर नदी में आता दिखा। स्थानीय लोगों ने नगरपालिका को इसकी जानकारी दी। लेकिन नगरपालिका ने इसे संज्ञान नहीं लिया। गंदगी बहने से नदी साफ होने की बजाय प्रदूषित हो रही है। डीएम के सफाई अभियान शुरू करने के चार दिन बाद बाद भी यह कूड़ों का ढेर नहीं हटाया जा सका है।
गंदगी से गोमती नदी कराह रहीं है। नगरपालिका परिषद कूड़ा सड़क के किनारे कई सालों से गिराता आ रहा है। कूड़े में सड़क के किनारे आग लगा दी जाती है। इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं ने जनहित याचिका दायर किया तो नगरपालिका के अधिकारियों की नींद खुली। जिसके बाद बोर्ड लगाया गया कि यहां कूड़ा न गिराएं। लेकिन कई बार स्थानीय लोगों ने कूड़ा गिराते हुए नगरपालिका की गाड़ियों को पकड़कर हंगामा किया। किचकिच के बाद लोग शांत हुए। इसके बाद कुल्हना मऊ स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र में कूड़ा गिराया जाने लगा वहां भी कूड़े में आग लगा दी जाती है। कूड़े में आग लगाए जाने का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो नगरपालिका के अधिकारियों की नींद खुलीं। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने ईओ नगरपालिका को चेतावनी दी। जो भी डीएम ने 300 सफाई कर्मचारियों को लगाकर गोमती नदी के घाटों की सफाई तो करा दी। लेकिन नगरपालिका जो कूड़ा नदी के किनारे गिराया है। उसे हटा नहीं रहा है। जिससे गंदगी फैल रहीं और नदी प्रदूषित हो रही है। हालाता ऐसे ही रहे तो धीरे- धीरे गोमती नदी के घाटों पर गंदगी पसर जाएगी। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी का कहना है कि घाटों से कूड़ा हटाएं जाने का निर्देश ईओ को दिया गया है। गोमती नदी में गंदगी नहीं होने दी जाएगी।