जिला कारागार के बंदी और कैदी भी नवरात्र में शक्ति उपासना में लीन हैं। जेल के 50 बंदी नवरात्र के नौ दिनों तक व्रत रख कर अपने अपराधों का प्रायश्चित कर रहे हैं। इनमें आठ महिला बंदी शामिल हैं। व्रत रखने वाले बंदियों के लिए जेल प्रशासन ने फलाहार की व्यवस्था की है।
अपराधियों से कड़ाई से निपटने वाली योगी सरकार ने जेल में व्रत रखने वाले बंदियों और कैदियों के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्देश का दिया है। नवरात्र के पहले दिन से नवमी तक लोगों को व्रत रखने और फलाहार की व्यवस्था की गई है। जिला कारागार करीब 900 बंदी और कैदी हैं। तीन अक्तूबर से शुरू नवरात्र के पहले दिन 190 बंदियों ने व्रत रखा था। वहीं 50 बंदी पूरे नौ दिन व्रत रख रहे हैं। इनमें 42 पुरुष और आठ महिला बंदी शामिल हैं। शासन स्तर से इस बार इनके फलाहार में बढ़ोतरी भी की गई है। पिछली बार बंदियों को 500 ग्राम आलू दिया जाता था। इस बार 750 ग्राम उबला आलू, 500 मिली. दूध, 60 ग्राम चीनी, दो केला, दो बार चाय की व्यवस्था की गई है। साथ ही परिसर में भगवान के पूजा-पाठ की भी छूट दी जाती है। इस दौरान व्रत रखने वाले बंदियों से अतिरिक्त कार्य नहीं लिया जाता। जेल अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर बंदियों को व्रत रखने की छूट दी गई है।