मछलीशहर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मछलीशहर में सरकार की मंशा के विपरीत चिकित्सकीय कार्य किए जा रहे हैं। यहां प्रसव के नाम पर प्रसूता व तीमारदारों से सीधे 5-6 हजार रुपये वसूल किए जा रहे हैं।
ये रुपये आशा, स्टॉफ नर्स के माध्यम से लिए जा रहे हैं। इसका खुलासा बृहस्पतिवार को सपा की मछलीशहर विधायक डाॅ. रागिनी सोनकर के निरीक्षण के दौरान हुआ। विधायक ने डीएम से लगायत सीएमओ तक से शिकायत की है।
सपा विधायक मछलीशहर सीएचसी में सुबह 10.30 बजे निरीक्षण करने पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान वे मरीजों से भी बात करने लगीं। मरीजों की रिपोर्ट देख वे नाराजगी जाहिर करने लगीं। विधायक का कहना था कि जिन महिलाओं की नार्मल डिलिवरी हो सकती है, उनका भी ऑपरेशन कर दिया गया।
यही नहीं, अस्पताल में मरीज कम हैं, जबकि दवा की निकासी उससे कई गुना ज्यादा दिखाई गई है। अस्पताल में निरीक्षण के दौरान पहुंचे मरीजों की संख्या देखकर यह गड़बड़ लग रहा है। इस पर वहां भर्ती मरीज के तीमारदार शिकायत करने लगे कि उनसे प्रसव के नाम पर 5-6 हजार रुपये आशा कार्यकर्ता के माध्यम से लिए गए हैं और बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाया गया है। इसका अलग से पैसा देना पड़ा है। इस शिकायत पर विधायक ने डीएम डाॅ. दिनेश चंद्र और सीएमओ डाॅ. लक्ष्मी सिंह से फोन पर बात कर अस्पताल की स्थिति बताई। करीब एक घंटे बाद अस्पताल पहुंचीं सीएमओ के सामने भी तीमारदारों ने प्रसव के नाम पर 5-6 हजार रुपये देने की बात बताई।
सीएमओ डॉ. लक्षमी सिंह का कहना है कि अस्पताल में की गई जांच के दौरान मरीजों से पैसे लेने की पुष्टि हुई है। दो स्टाफ नर्स का स्थानांतरण कर दिया गया है। साथ ही आशा कार्यकर्ता को हटाने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान को पत्र भेजा जा रहा है। विधायक डॉ. रागिनी सोनकर का कहना है कि सीएचसी मछलीशहर भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। यहां छोटे कर्मचारियों के माध्यम से वसूली कराई जा रही है। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। कोरम पूर्ति न करते हुए सही तरीके से जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके लिए मेरी डीएम और सीएमओ से भी बात हुई है।
उधर, सीएचसी में प्रसव कराने के नाम पर वसूली के मामले में ड्यूटी पर तैनात दो संविदा स्टाफ नर्स को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उनका तबादला कर दिया गया है। सीएमओ कार्यालय से दी गई सूचना के मुताबिक प्रारंभिक जांच में माधोपुर की आशा कार्यकर्ता जया मिश्रा के हाथ में पैसे दिए जाने का मामला सामने आया है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान को पत्र भेजा जा रहा है। जबकि सीएचसी पर संविदा पर तैनात पार्वती शर्मा को सुजानगंज सीएचसी और सुमन यादव को मुंगराबादशाहपुर सीएचसी स्थानांतरित कर दिया गया है। दोनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को लेकर विधायक डाॅ. रागिनी सोनकर ने सवाल भी खड़ा किया है। उनका कहना है कि अधिकारियों का गला बचाने के लिए निचले स्तर पर सीधे जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की शुरू कर दी गई है। इसे लेकर उन्होंने डीएम से भी वार्ता की है।