जौनपुर। भूगर्भ जलस्तर लगातार नीचे खिसक रहा है। मार्च महीने में ही जहां तहां हैंडपंप पानी छोडने लगे हैं। बावजूद इसके वाटर लेबल को रीचार्ज के लिए कोई कवायद नहीं शुरू हो सकी है। तालाब पोखरे सूखे चुके हैं। तालाबों में पानी भरने की भी कोई तैयारी प्रशासन के स्तर से नहीं है। हालात यही रहे तो पशु पक्षियों को भी पानी के लिए तरसना होगा। मनरेगा के तहत जिले में वर्ष 2006 से अबतक कुल 1800 तालाब खोदे गए हैं। अधिकतर तालाब सूख चुके हैं। जिन इलाकों में नहर की व्यवस्था है वहां नहर के पानी से ही तालाबों को भरने के निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी गौरव वर्मा का कहना है कि सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राम पंचायत अधिकारियों के साथ बैठक कर तालाबों में पानी भरने के लिए योजना बना लें।