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बोर्ड ने बढ़ाया शिक्षकों और कर्मचारियों का पारिश्रमिक

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जौनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में ड्यूटी और मूल्यांकन करने वाले प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और कर्मचारियों का पारिश्रमिक बढ़ा दिया है। शिक्षक संघ द्वारा मूल्यांकन कार्य का दिन तक बहिष्कार करने के सरकार ने यह निर्णय लिया है। चालू सत्र के मूल्यांकन और परीक्षा ड्यूटी के पारिश्रमिक का भुगतान नए बढे़ हुए दर से किया जाएगा। शासन ने बढ़े हुए दर का शासनादेश जारी कर दिया है। शासन द्वारा पारिश्रमिक में वृद्धि किए जाने पर शिक्षकों में खुशी का माहौल है।
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परीक्षा केंद्र पर तैनात केंद्र व्यवस्थापक का पारिश्रमिक प्रति पाली 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दिया गया है। अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के लिए 40 से बढ़ाकर 53 रुपये प्रति पाली, कक्ष निरीक्षक का 72 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 96 रुपये कर दिया गया है। लिपिक का 25 रुपये बढ़ाकर 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कर दिया गया है। हाईस्कूल की कापियां के मूल्यांकन का पारिश्रमिक 8 रुपये प्रति कापी से बढ़ाकर 11 रुपये और इंटरमीडिएट की 10 से बढ़ाकर 13 रुपये कर दिया गया है। प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 6 रुपये से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से दिया जाएगा। पेपर बनाने के लिए 1800 की जगह अब 2394 रुपये दिया जाएगा। प्रश्न पत्र का अंग्रेजी में अनुवाद करने के लिए 600 की जगह अब 800 रुपये दिया जाएगा। परिमार्जन कार्य की दर 1200 से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है। स्थानीय विषय विशेषज्ञों का वाहन व्यय 100 रुपये से बढ़ाकर 133 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाएगा। संयुक्त सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद जयशंकर दुबे द्वारा जारी आदेश में परीक्षा से जुड़े 38 कार्यों के लिए पारिश्रमिक में बढ़ोत्तरी की गई है। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि दो दिन तक चले मूल्यांकन कार्य बहिष्कार के कारण सरकार ने शिक्षकों की मांगे मानते हुए पारिश्रमिक में बढ़ोत्तरी कर दिया है।
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